
भारत और इथियोपिया ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में इथियोपिया की सदस्यता के संदर्भ में 22 मई 2026 को द्विपक्षीय प्रवेश प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए। यह हस्ताक्षर जिनेवा में आयोजित समारोह में किए गए। इस प्रोटोकॉल पर भारत की ओर से राजदूत और डब्ल्यूटीओ में भारत के स्थायी प्रतिनिधि डॉ. सेंथिल पांडियन सी., तथा इथियोपिया की ओर से राजदूत और संयुक्त राष्ट्र कार्यालय और जिनेवा में अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों में इथियोपिया के स्थायी प्रतिनिधि, त्सेगाब केबेबेव डाका द्वारा हस्ताक्षर किए गए। हस्ताक्षर के बाद, प्रोटोकॉल और इसके अनुबंधों को औपचारिक रूप से डब्ल्यूटीओ सचिवालय को सौंप दिया गया और जमा करवा दिया गया।
भारत ने विकासशील देशों और अल्प विकसित देशों के डब्ल्यूटीओ में प्रवेश का लगातार समर्थन किया है। उसका मानना है कि बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में उनका पूर्ण एकीकरण अधिक समावेशी और संतुलित वैश्विक अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए आवश्यक है। यह समझौता वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल के मार्गदर्शन में तेजी से आगे बढ़ाया और संपन्न किया गया।
भारत और इथियोपिया की जनता के बीच गहरे आपसी रिश्ते और चिरस्थायी सभ्यतागत संबंध रहे हैं। भारत, इथियोपिया का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और भारतीय कंपनियाँ इथियोपिया में प्रमुख विदेशी निवेशकों में शामिल हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दिसंबर 2025 की इथियोपिया यात्रा के दौरान दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया गया।
डब्ल्यूटीओ की प्रवेश प्रक्रिया के तहत घरेलू आर्थिक और व्यापार नीतियों को डब्ल्यूटीओ के नियमों के अनुरूप बनाना तथा मौजूदा सदस्य देशों के साथ बाजार पहुंच संबंधी प्रतिबद्धताओं पर बातचीत करना आवश्यक होता है। इथियोपिया वर्तमान में अपनी प्रवेश प्रक्रिया के उन्नत चरण में है और इस संबंध में उसकी वर्किंग पार्टी की सातवीं बैठक 22–23 अप्रैल 2026 को आयोजित हुई थी।
जैसे-जैसे इथियोपिया डब्ल्यूटीओ प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से अपनी आर्थिक और व्यापार नीतियों में सुधार आगे बढ़ा रहा है, भारत और इथियोपिया के बीच व्यापार, निवेश और व्यावसायिक सहयोग को बढ़ाने के नए अवसर उत्पन्न होने की उम्मीद है।



