
पंजाब सरकार ड्रग्स के खिलाफ एक्शन मोड में है। पुलिस जहां ड्रग्स बेचने वालों को पकड़ने के लिए एक्शन ले रही है, वहीं आम आदमी पार्टी ने अब एक ड्रग डी-एडिक्शन फ्रंट बनाया है, जो हर समय पब्लिक के बीच रहेगा और इस कोशिश में मदद भी करेगा। ड्रग्स छोड़ चुके युवा मोटिवेशनल स्पीकर बनकर ड्रग्स के गलत इस्तेमाल के बारे में अवेयरनेस फैलाएंगे।
इस बारे में रविवार को मोहाली में एक सरकारी प्रोग्राम हो रहा है। पंजाब के हेल्थ मिनिस्टर बलबीर सिंह प्रोग्राम में हिस्सा लेंगे। वे ड्रग डी-एडिक्शन फ्रंट के मेंबर्स के साथ मिलकर एक्शन की स्ट्रैटेजी बनाएंगे। ध्यान रहे कि ड्रग बेचने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन जारी रहेगा। पहले फेज में हजारों लोगों को अरेस्ट किया गया है, जबकि दूसरे फेज में और भी सख्त एक्शन लिया जाएगा।
हेल्थ मिनिस्टर बलबीर सिंह यहां पहुंचेंगे। ड्रग डी-एडिक्शन फ्रंट के साथ यह उनकी पहली मीटिंग है। इस बारे में सभी जिलों में तैयारियां कर ली गई हैं। आगे की स्ट्रैटेजी तय की जाएंगी। इसके बाद आगे की तैयारी की जाएगी। सरकार ने साफ कर दिया है कि ड्रग्स की लत को खत्म किया जाएगा।
ड्रग्स की लत के खिलाफ लड़ाई अब बॉर्डर से गांवों तक पहुंच गई है। सरकार ने पूरे पंजाब में तीन एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए हैं। छह और पर काम चल रहा है, और 17 और लगाने की तैयारी चल रही है। पंजाब पुलिस का मकसद है कि ड्रग्स की तस्करी या किसी और मामले से जुड़ी कोई भी कॉल पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुंचे, तो पुलिस तुरंत मदद के लिए जवाब दे सके। इसके लिए तैयारी शुरू हो चुकी है। जल्द ही 8,100 नई PCR गाड़ियां दी जाएंगी। 454 पुलिस थानों के SHO को पहले ही नई गाड़ियां मिल चुकी हैं। DSP को भी नई गाड़ियां मिलेंगी।



