
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने पिछले साढ़े तीन वर्षों में युवाओं को सरकारी नौकरियाँ प्रदान करके एक और मील का पत्थर स्थापित किया है, जिससे प्रतिभा पलायन की प्रवृत्ति उलट गई है। ये नौकरियाँ युवाओं की तकदीर बदलने में अहम भूमिका निभाएँगी। युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरियाँ मिली हैं। यह युवाओं के कल्याण को सुनिश्चित करने और उनके लिए रोज़गार के नए अवसर खोलने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह बेहद गर्व और संतोष की बात है कि राज्य सरकार के कार्यकाल के दौरान कुछ युवाओं को दो-तीन नौकरियाँ भी मिली हैं। मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य की कमान संभालने के पहले दिन से ही उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि योग्य युवाओं को नौकरियाँ मिलें, जिसके चलते अब तक से ज़्यादा युवाओं को सरकारी नौकरियाँ मिल चुकी हैं।युवा पंजाब सरकार के परिवार में शामिल हो रहे हैं और राज्य की सामाजिक और आर्थिक प्रगति में सक्रिय भागीदार बन रहे। यह राज्य के युवाओं पर कोई उपकार नहीं है, बल्कि वे अपनी योग्यता के आधार पर इन नौकरियों के हकदार बने हैं। पिछली सरकारों ने इस ओर कभी ध्यान नहीं दिया। यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि इन युवाओं को पूरी तरह से योग्यता के आधार पर नौकरियां मिली हैं। नवनियुक्त युवा अपनी कलम का प्रयोग समाज के जरूरतमंद और पिछड़े वर्गों की मदद के लिए करेंगे। नवनियुक्त युवा लोगों का अधिक से अधिक कल्याण सुनिश्चित करें ताकि समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिल सके। पंजाब के लिए यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि राज्य सरकार ने अब तक से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं और यह भी कहा कि सभी भर्तियां पूरी तरह से योग्यता के आधार पर की गई हैं। ये भर्तियां पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से की गई हैं और युवाओं ने कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं को पास करके ये नौकरियां हासिल की हैं। पंजाब सरकार का पहले दिन से ही एकमात्र एजेंडा युवाओं को सरकारी नौकरियाँ देकर उन्हें सशक्त बनाना रहा है। सरकारी स्कूलों के छात्रों ने नीट, जेईई और जेईई एडवांस जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाएँ पास करके जमीनी स्तर पर बदलाव के प्रयासों पर अपनी मुहर लगाई है।



