
पंजाब सरकार द्वारा सुशासन और जन सुरक्षा की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य पुलिस के यातायात एवं सड़क सुरक्षा विभाग ने अभियान शुरू गया। अनूठा अभियान गाँव की सड़कों पर सुरक्षा को मज़बूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा। यह कदम न केवल तकनीकी रूप से कारगर है, बल्कि पंजाब सरकार की संवेदनशील और किसान-हितैषी सोच का भी प्रतीक है। पहले चरण में, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रिफ्लेक्टर स्टिकर लगाए जाएँगे, जो पंजाब के लगभग 4,100 किलोमीटर सड़क नेटवर्क को कवर करेंगे। यह परियोजना “यारा इंडिया” द्वारा समर्थित है और सड़क सुरक्षा बल द्वारा कार्यान्वित की जा रही है। यह व्यापक दृष्टिकोण दर्शाता है कि पंजाब सरकार अब केवल सड़कों पर वाहनों की निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों और विशेषकर किसानों की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बना रही है। यह अभियान केवल सुरक्षा उपाय नहीं, बल्कि एक “जन जागरूकता आंदोलन” है। गाँवों में बिना लाइट या रिफ्लेक्टर वाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियाँ अक्सर रात में सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। लेकिन अब रिफ्लेक्टर स्टिकर की मदद से ऐसे वाहन दूर से ही दिखाई देंगे, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी और लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति नई जागरूकता पैदा होगी। पंजाब पुलिस की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में, खासकर दुर्घटना के 24 घंटों के भीतर होने वाली मौतों में, उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। यह कमी केवल आँकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि “पंजाब सरकार की नीतिगत दूरदर्शिता” का परिणाम है – जिसने कानून प्रवर्तन, सड़क इंजीनियरिंग और जन जागरूकता को एकीकृत किया है। पंजाब पुलिस की सभी एसएसएफ इकाइयाँ मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ा रही हैं। मौसम को देखते हुए, यह समय बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि सुबह और शाम के कोहरे के समय ट्रैक्टरों की दृश्यता कम हो जाती है। ऐसे समय में “धीरे चलें” का शुभारंभ किसानों के जीवन की रक्षा का प्रतीक बन गया है। पंजाब सरकार ने इस अभियान को गाँवों की अर्थव्यवस्था और कृषि जीवन शैली से जोड़ा है। रिफ्लेक्टर लगाने की यह पहल न केवल सड़क सुरक्षा का संदेश है, बल्कि कृषि के सम्मान को बचाने का भी संदेश है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब “सुरक्षित कृषि, सुरक्षित किसान” के एक नए युग की ओर बढ़ रहा है जहाँ खेत से बाज़ार तक का सफ़र अब सुरक्षित और सतर्क होगा। अंततः, “धीरे चलें” सिर्फ़ एक नारा नहीं, बल्कि पंजाब की नई सोच का प्रतीक है—धीरे चलें , सुरक्षित चलें, जीवन बचाएँ। यह अभियान एक नए पंजाब की तस्वीर पेश करता है जहाँ सरकार और जनता मिलकर सुरक्षा को संस्कृति बना रहे हैं। भगवंत मान सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि विकास सिर्फ़ उद्योग या निवेश में ही नहीं, बल्कि हर किसान और हर नागरिक की सुरक्षा में भी छिपा है।



