
चेन्नई: चेन्नई के कई इलाकों में 1500 से ज़्यादा कौओं के मरने की खबर है। इसे लेकर प्रशासन हाई अलर्ट पर है। बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद केंद्र सरकार ने स्थानीय प्रशासन को निगरानी करने का आदेश दिया है। बर्ड फ्लू की खबर चिंता का विषय बन गई और शहर के कई हिस्सों में लोगों ने सार्वजनिक जगहों, पेड़ों और रिहायशी इलाकों में पक्षियों को मरते हुए देखा। प्रशासन इसकी जांच कर रहा है और लोगों की सुरक्षा के लिए एक एडवाइजरी जारी की गई है।
बर्ड फ्लू यानी एवियन इन्फ्लूएंजा एक तरह का इन्फ्लूएंजा (फ्लू) वायरस इन्फेक्शन है। यह इन्फेक्शन आमतौर पर पक्षियों और दूसरे जानवरों में फैलता है। लेकिन कभी-कभी इंसानों को भी इन्फेक्टेड जानवरों से बर्ड फ्लू हो सकता है। इंसानों में यह वायरस रेस्पिरेटरी सिस्टम और फेफड़ों को इन्फेक्ट कर सकता है। कभी-कभी यह शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकता है।
बर्ड फ्लू कैसे फैलता है? बर्ड फ्लू वायरस आमतौर पर बीमार पक्षियों के पंखों, मल (बीट) और लार (म्यूकस) में मौजूद होता है। जब भी कोई इंसान, खासकर बच्चे, इनके सीधे संपर्क में आते हैं, तो इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, कच्चा या अधपका मीट खाने से भी बचना चाहिए।
मरे हुए पक्षियों को न छुएं और बच्चों को उन्हें छूने से न रोकें। अभी तक चेन्नई में इंसानों में कोई केस नहीं मिला है, लेकिन सावधानी ज़रूरी है। अधिकारियों ने निगरानी बढ़ा दी है और लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है।



