
बेंगलुरु ग्रामीण जिले के एम. सत्यवारा गांव के पास शुक्रवार सुबह हुए एक भयानक सड़क हादसे में छह स्कूली छात्रों समेत सात लोगों की मौत हो गई। छात्र अपने माता-पिता को बताए बिना रात में बाहर घूमने के लिए घर से निकले थे और रास्ते में उनका एक्सीडेंट हो गया।
जब पुलिस ने घरवालों को बुलाया और कहा, “प्लीज़ आकर अपने बच्चों को पहचान लो,” तो माता-पिता के पैरों तले ज़मीन खिसक गई। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे जब माता-पिता हॉस्पिटल पहुंचे, तो वे इस कड़वी सच्चाई को मानने को तैयार नहीं थे कि उनके हंसते-खेलते बेटे अब इस दुनिया में नहीं रहे।
बच्चे घर से चोरी हो गए थे
ज़्यादातर घरवालों को लगा कि उनके बच्चे अपने कमरों में सो रहे हैं। जब पुलिस ने बुलाया और माता-पिता ने कमरों की जांच की, तो बेड खाली थे।
मरने वालों की उम्र 17 से 18 साल थी
हादसे का शिकार हुए स्टूडेंट्स क्लास 10 और 12 में पढ़ते थे। मरने वालों में से छह की पहचान अश्विन नायर (17), अरहान शरीफ (17), अयान अली (17), भारत (18), एथन जॉर्ज (17) और गगन (बाइक सवार) के तौर पर हुई है। सातवें मरने वाले की पहचान अभी नहीं हुई है। कैसे हुआ यह भयानक हादसा
जानकारी के मुताबिक, तेज़ रफ़्तार XUV 700 कार के ड्राइवर ने कंट्रोल खो दिया, जिसकी वजह से गाड़ी एक कैंटर ट्रक और एक बाइक से टकरा गई। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि ट्रक और बाइक डिवाइडर कूदकर हाईवे के दूसरी तरफ़ जा गिरे। हादसे के बाद बुरी तरह डैमेज SUV कार सड़क पर करीब 500 मीटर तक घिसटती रही।


