
चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड को एक लेटर लिखकर ब्यास नदी से अपने हिस्से के पानी को लेकर अपनी चिंता और डर बताया है। इसमें ब्यास-सतलज लिंक प्रोजेक्ट के ज़रिए ब्यास से सतलज में कम पानी डायवर्ट किए जाने की बात कही गई है।
हरियाणा ने अपने लेटर में कहा है कि सतलज लिंक से पानी का डिस्चार्ज 4 मार्च से कम हो रहा है, जिसका मतलब है कि इस दौरान सतलज से ज़रूरी पानी नहीं छोड़ा गया है। इससे भाखड़ा सिस्टम के ज़रिए हरियाणा को मिलने वाला ब्यास पानी का हिस्सा कम हो गया है, जिससे तय कोटे से कम पानी मिलने का डर पैदा हो गया है।
पंजाब भी पहले एक्स्ट्रा पानी देने से मना करने से बनी स्थिति की वजह से भविष्य को लेकर आशंकित है। दूसरी ओर, हरियाणा की आशंका के बारे में बोर्ड अथॉरिटी का कहना है कि भाखड़ा डैम रिज़र्वॉयर में सभी हिस्सा लेने वाले राज्यों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए काफ़ी पानी मौजूद है। हरियाणा को पानी की सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। 1966 और 1982 के समझौतों के तहत, हरियाणा को सतलुज का 32.31 प्रतिशत और रावी-ब्यास का 21 प्रतिशत पानी मिलता है।



