
पंजाब की पवित्र बुड्ढा दरिया, जो अपनी गंदगी के कारण एक कलंक बन चुका था, अब एक नए रूप में नजर आ रहा है। महज एक साल की कड़ी मेहनत में नदी का एक बड़ा हिस्सा साफ-सुथरा हो गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि जहां पहले खड़ा होना तक संभव नहीं था, वहां अब किश्ती चलने लगी है और जलचर जीव व पक्षियों की आमद शुरू हो गई है। यह बदलाव दिखाता है कि जब जनभागीदारी और पंजाब सरकार की ईमानदार राजनीति साथ आए, तो पर्यावरण का चमत्कार हो सकता है। बुड्ढा दरिया के कुछ हिस्सों में अब साफ पानी बहने लगा है, किनारे हरे-भरे हो गए है और छोटी-छोटी नावें पानी में तैरती दिख रही है। यह मिशन केवल एक सफाई अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी आधारित पर्यावरण संरक्षण का अनूठा उदाहरण बन गया है। पिछले एक साल में हजारों स्वयंसेवकों ने नदी की सफाई में हाथ बंटाया, टन भर कचरा निकाला, किनारों को साफ किया और पौधरोपण किया। यह काम बिना किसी सरकारी ठेकेदारी या भ्रष्टाचार के, पूरी तरह से जनता की भागीदारी से किया गया है। स्थानीय निवासियों में खुशी की लहर है और लोग इस पहल की जमकर तारीफ कर रहे हैं। बुड्ढा दरिया में जलचर जीवों और पक्षियों की वापसी इस बात का प्रमाण है कि पानी की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है। किश्ती का चलना दर्शाता है कि पानी का प्रवाह और गहराई बेहतर हुई है।



