
शुक्रवार को अपर जिला न्यायाधीश प्रथम अजय कुमार दीक्षित ने एक ग्रामीण की लाठियों से पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में एक ही परिवार के पाँच सदस्यों को दोषी ठहराया, जिनमें से चार भाई थे। अदालत ने एक दिन पहले ही सभी को दोषी ठहराया था।
केमरी थाना क्षेत्र में करीब डेढ़ साल पहले यह हत्या हुई थी। स्वार खुर्द गाँव निवासी 55 वर्षीय अमर सिंह की बुद्धसेन और उसके भाइयों ने लाठियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। घटना 13 मार्च 2024 की शाम की है। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से रंजिश चल रही थी। घटना के समय अमर सिंह खेत से घर लौट रहे थे। उनके और बुद्धसेन के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गई। तभी बुद्धसेन और उनके परिवार के सदस्यों ने उन पर लाठियों से हमला कर दिया। वे गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवार के सदस्य उन्हें अस्पताल ले गए, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
इसी गाँव में हुई घटना
इस मामले में, मृतक के बेटे मदन की शिकायत के आधार पर पुलिस ने बुद्धसेन, रामचरण उर्फ रमुआ, रामपाल, पप्पू उर्फ नौबतराम, चोखे लाल के बेटे और पप्पू के बेटे भूरा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। जांच के बाद पुलिस ने पांचों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाह और कई सबूत पेश किए।
सहायक जिला लोक अभियोजक प्रताप सिंह मौर्य ने बताया कि गवाहों और साक्ष्यों से घटना की पुष्टि हुई। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि गाँव के विवाद के कारण पाँचों को झूठा फँसाया गया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अपर जिला न्यायाधीश प्रथम अजय कुमार दीक्षित ने पाँचों को आजीवन कारावास और 12,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।



