
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने उद्योगपतियों को एक अभूतपूर्व राहत देते हुए ऐतिहासिक वन टाइम सेटलमेंट योजना की शुरुआत की है। यह योजना उन 1,145 औद्योगिक प्लॉट धारकों के लिए एक वरदान साबित हो रही है जो पिछले चालीस से अधिक वर्षों से बढ़ी हुई जमीन की लागत और मूल राशि के भुगतान में डिफॉल्ट होने के कारण कानूनी और वित्तीय परेशानियों का सामना कर रहे थे। पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन,की यह योजना जारी की। इससे उद्योगपतियों को कुल 410 करोड़ रुपये की राहत मिलने की उम्मीद है। यह पहल न केवल पुराने विवादों को सुलझाने में मदद करेगी, बल्कि पंजाब में औद्योगिक विकास को भी गति देगी और हजारों रोजगार के अवसर पैदा करेगी। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जिन उद्योगपतियों के आवंटन रद्द हो चुके हैं, वे भी अपनी बकाया राशि का भुगतान करके अपने प्लॉट वापस पा सकते हैं। यह ‘सेकंड चांस’ की संकल्पना उन सैकड़ों छोटे और मध्यम उद्यमियों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है जिन्होंने आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपनी औद्योगिक इकाइयां खो दी थीं। योजना आवंटित सभी औद्योगिक प्लॉट, शेड और आवासीय प्लॉट पर लागू होगी। बढ़ी हुई भूमि लागत और विलंबित मूल भुगतान से संबंधित औद्योगिक विवादों को निपटाने की सुविधा प्रदान करेगी। विकसित औद्योगिक फोकल पॉइंट्स में स्थित सभी संपत्तियां इस योजना के दायरे में आएंगी।



