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मार्च 2022 से अब तक पंजाब में 1.55 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिससे 5.44 लाख युवाओं के लिए नौकरियाँ पैदा हो रही हैं: भगवंत सिंह मान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब अपनी औद्योगिक प्रगति में एक निर्णायक परिवर्तन देख रहा है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब अपनी औद्योगिक प्रगति में एक निर्णायक परिवर्तन देख रहा है। 2022 से पहले की लूट-खसोट और अस्थिर माहौल के बाद अब वैश्विक निवेशक राज्य में फिर से लौट रहे हैं।
मोहाली में इन्फोसिस के 286 करोड़ रुपये की लागत वाले नए कैंपस के शिलान्यास समारोह के बाद बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना 2,700 युवाओं को सीधे रोजगार देगी, जबकि हजारों लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मार्च 2022 से अब तक पंजाब सरकार को 1.55 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनसे 5.44 लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने आगे कहा कि मोहाली में 13 से 15 मार्च तक आयोजित होने वाला प्रगतिशील पंजाब निवेश सम्मेलन राज्य की औद्योगिक प्रगति के लिए एक ऐतिहासिक अवसर साबित होगा और आने वाले तीन दिन पंजाब के आर्थिक विकास की नई कहानी लिखेंगे।

सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की विश्व-प्रसिद्ध कंपनी इन्फोसिस के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने पंजाब सरकार की उद्योग-पक्षीय नीतियों में विश्वास व्यक्त करने के लिए उनका धन्यवाद किया। उन्होंने देश की आर्थिक प्रगति में कंपनी के संस्थापक एन. आर. नारायण मूर्ति के महान योगदान को भी याद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा,
“आज पंजाब के लिए, विशेषकर औद्योगिक क्षेत्र के लिए, ऐतिहासिक दिन है। मैं वैश्विक कंपनी इन्फोसिस के प्रतिनिधियों का हार्दिक स्वागत करता हूँ और हमारी सरकार की उद्योग-पक्षीय नीतियों पर विश्वास जताने के लिए उनका आभार व्यक्त करता हूँ। मैं देश की आर्थिक प्रगति में इन्फोसिस के संस्थापक एन.आर. नारायण मूर्ति के अमूल्य योगदान को भी याद करता हूँ।”

भारतीय आईटी क्षेत्र के अग्रदूत माने जाने वाले नारायण मूर्ति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें भारतीय आईटी उद्योग का “पितामह” कहा जाता है। उन्होंने कहा कि इन्फोसिस की 286 करोड़ रुपये की इस नई परियोजना का शिलान्यास मोहाली में किया जा रहा है, जो 2,700 युवाओं को सीधे रोजगार देगी और हजारों युवाओं के लिए अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना के पहले चरण में एक एकीकृत कैंपस स्थापित किया जाएगा, जिसमें सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट ब्लॉक, फूड कोर्ट और अन्य आधुनिक सुविधाएँ होंगी। लगभग 3.50 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में बनने वाले इस कैंपस में लगभग 3,000 लोगों के बैठने की क्षमता होगी।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस परियोजना के लिए इन्फोसिस को पूरा सहयोग देगी ताकि अन्य कंपनियाँ भी पंजाब में निवेश करने के लिए प्रेरित हों और युवाओं के लिए अधिक रोजगार के अवसर पैदा हों।
इन्फोसिस की वैश्विक प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कंपनी तकनीक और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में विश्व स्तर पर प्रसिद्ध है और वर्तमान में इसके लगभग 3,37,034 कर्मचारी दुनिया भर में कार्यरत हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों में कंपनी ने 15.12 अरब डॉलर की आय दर्ज की है। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब अब वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर उभरकर सामने आया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 20 मार्च को लुधियाना में 3,200 करोड़ रुपये के निवेश से बनने वाले देश के दूसरे सबसे बड़े टाटा स्टील प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया जाएगा। यह परियोजना 2,500 युवाओं को रोजगार प्रदान करेगी और राज्य के आर्थिक विकास को गति देगी।

उद्योग क्षेत्र में पंजाब सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियाँ, भ्रष्टाचार-मुक्त शासन और अनुकूल वातावरण निवेश को बढ़ावा दे रहे हैं। सामाजिक सौहार्द और शांतिपूर्ण वातावरण के कारण राज्य में औद्योगिक निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि मार्च 2022 से पंजाब को 1.55 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 5.44 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब औद्योगिक और व्यापार विकास नीति-2026 निवेशकों को बड़ी सुविधा प्रदान करेगी, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएगी, महिलाओं को सशक्त बनाएगी और नए उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने में सहायता करेगी।

उन्होंने बताया कि नेस्ले, कारगिल, वर्बियो और डैनोन जैसी वैश्विक कंपनियाँ पहले ही पंजाब में अपनी इकाइयाँ स्थापित कर चुकी हैं। इसके अलावा जापान, अमेरिका, जर्मनी, यूके, यूएई, स्विट्जरलैंड, फ्रांस और स्पेन जैसे विकसित देशों से भी निवेश आ रहा है।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उद्योग तभी प्रगति कर सकता है जब सरकार और उद्योग जगत मिलकर काम करें। उन्होंने कहा कि निवेशक और उद्यमी पंजाब के औद्योगिक भविष्य के प्रमुख निर्माता हैं।

निवेशकों को प्रगतिशील पंजाब निवेश सम्मेलन में भाग लेने का निमंत्रण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 13 से 15 मार्च तक होने वाला यह सम्मेलन राज्य के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब के लोगों ने कड़ी मेहनत, समर्पण और देशभक्ति की भावना के साथ देश की स्वतंत्रता के संघर्ष में ऐतिहासिक योगदान दिया है और देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने तथा सीमाओं की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों को याद करने का उद्देश्य नई पीढ़ी को पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराना है।

राज्य के भविष्य के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि इन्फोसिस द्वारा अपने कैंपस के विस्तार से पंजाब और पड़ोसी राज्यों के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य तकनीक तथा नवाचार के उभरते केंद्र के रूप में और मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब उचित बिजली दरों, भूमि की उपलब्धता और निवेशकों के लिए अनुकूल कारोबारी माहौल के साथ एक मजबूत निवेश पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि राज्य में पारदर्शी सिंगल-विंडो सिस्टम स्थापित किया गया है और पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट पारित करने वाला पहला राज्य बन गया है।

पंजाब को “अवसरों की भूमि” बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था के कारण वैश्विक कंपनियाँ यहाँ अपने व्यवसाय स्थापित करने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने कहा कि मोहाली भविष्य में दुनिया का अगला औद्योगिक केंद्र बन सकता है क्योंकि यहाँ अपार संभावनाएँ हैं। यहाँ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मौजूद है और 80 किलोमीटर के दायरे में बड़ी संख्या में कुशल युवा उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि वे नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर बेहतर भविष्य चुन सकें। उन्होंने कहा कि खाली दिमाग शैतान का घर होता है, इसलिए सरकार अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रयासरत है।

उन्होंने कहा कि 2022 से पहले उद्योगपतियों को दबाव और जबरन वसूली का सामना करना पड़ता था, जिसके कारण कई उद्योगों को पंजाब छोड़ना पड़ा और इससे राज्य के आर्थिक विकास को नुकसान पहुँचा। लेकिन 2022 में सरकार बनने के बाद कई क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं, जिनके कारण पंजाब अब हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजिव अरोड़ा और राज्यसभा सदस्य विक्रमजीत सिंह साहनी भी उपस्थित थे।
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