
समराला पुलिस के चाइनीज तार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दावे आज उस समय हवा में उड़ते दिखे, जब स्कूल से घर लौट रहे एक 15 साल के स्टूडेंट की तार में फंसने से गर्दन कटने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक स्टूडेंट की पहचान गांव रोहाले के रहने वाले तरनजोत सिंह के तौर पर हुई है, जो परिवार का इकलौता बेटा था। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और वे कथित तौर पर अपने बच्चे की मौत के लिए लोकल एडमिनिस्ट्रेशन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। इस घटना में मृतक तरनजोत का चचेरा भाई भी चाइनीज तार की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया, जो मोटरसाइकिल पर स्कूल से घर लौट रहा था। उसे इलाज के लिए समराला के सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक, पास के गांव रोहाले का रहने वाला 15 साल का तरनजोत सिंह अपने चचेरे भाई प्रभजोत सिंह के साथ स्कूल से मोटरसाइकिल पर समराला से घर लौट रहा था। जैसे ही ये दोनों नौजवान लुधियाना-चंडीगढ़ मेन हाईवे पर गांव चहलां पहुंचे, वहां फंसी पतंग की डोर ने तरनजोत सिंह का गला पूरी तरह काट दिया। इस खूनी डोर से तरनजोत का गला कट गया और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। जबकि मोटरसाइकिल चला रहा प्रभजोत सिंह भी इस खूनी डोर से बुरी तरह घायल हो गया।
घटना के बाद SHO समराला हरविंदर सिंह भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने भी बताया कि तरनजीत सिंह की मौत पतंग के मांझे की चपेट में आने से हुई। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि पुलिस के चाइना मांझे के खिलाफ इतनी सख्ती के दावों के बावजूद इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई, तो वे साफ जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि यह मांझा पहले से ही वहां फंसा हुआ था, न कि इस मांझे से पतंग उड़ाई जा रही थी। पुलिस चाइना मांझे के खिलाफ पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है और पुलिस की तरफ से लगातार चेकिंग भी की जा रही है।



