
पहले घिबली ट्रेंड आया और अब पिछले कुछ दिनों से नैनो बनाना AI ने हर जगह तहलका मचा दिया है। गूगल जेमिनी के ज़रिए हर कोई इस ट्रेंड से जुड़ रहा है, लड़कियां AI साड़ी ट्रेंड के साथ अपनी तस्वीरें शेयर कर रही हैं, तो कुछ लोग AI की मदद से अपनी निजी तस्वीरों को 3D लुक दे रहे हैं। क्या आप भी AI ट्रेंड में शामिल होने के चक्कर में अपनी प्राइवेसी से खिलवाड़ नहीं कर रहे हैं?
नैनो बनाना AI दरअसल गूगल जेमिनी AI का एक एडिटिंग टूल है। लोग तस्वीरों को 3D और साड़ियों को रेट्रो लुक देने के लिए इस टूल का इस्तेमाल कर रहे हैं। शुरुआत में ऐसी तस्वीरें बनाने वालों ने ऐसी तस्वीरें बनाने के प्रॉम्प्ट को वायरल कर दिया, जिसकी वजह से अब हर कोई ऐसी तस्वीरें बना रहा है। अगर आप भी AI के ज़रिए अपनी निजी तस्वीरें बनवा रहे हैं, तो पहले आपको इससे जुड़े खतरों के बारे में भी जान लेना चाहिए।
AI से तस्वीरें बनाने के चक्कर में लोग निजी डेटा शेयर करने से नहीं हिचकिचाते। AI से निजी तस्वीरें शेयर करने से निजता को खतरा हो सकता है। जब आप AI की मदद से फ़ोटो अपलोड करते हैं, तो फ़ोटो और डेटा कंपनी के सर्वर पर सेव हो सकते हैं।
कंपनियाँ भले ही डेटा को सुरक्षित रखने का दावा करती हों, लेकिन डेटा का किसी भी तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है, यानी डेटा के इस्तेमाल का ख़तरा भी बना रहता है। इसलिए, यह सलाह दी जाती है कि ट्रेंड के नाम पर अपनी निजता से समझौता न करें। आपको AI के साथ किसी भी तरह से फ़ोटो या कोई भी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।



