
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने संसद के ऊपरी सदन में मोबाइल फोन यूजर्स का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि TRAI के डेटा से पता चलता है कि देश में 125 करोड़ मोबाइल यूजर्स हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत प्री-पेड यूजर्स हैं। उन्होंने कहा, “मैं प्री-पेड मोबाइल यूजर्स की दो बड़ी समस्याओं को उठाना चाहता हूं। पहली समस्या यह है कि रिचार्ज खत्म होने पर आउटगोइंग और इनकमिंग कॉल दोनों बंद हो जाती हैं।”
राघव चड्ढा ने राज्यसभा में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब प्रीपेड प्लान खत्म होता है, तो आपकी ‘वॉयस’ बंद हो जाती है। फोन मेरा है, सिम कार्ड मेरा है और नंबर भी मेरा है, ऐसे में रिचार्ज खत्म होने पर आउटगोइंग कॉल बंद होना समझ में आता है, लेकिन इनकमिंग कॉल बंद करना पूरी तरह से मनमानी है।
‘मोबाइल नंबर हमारी डिजिटल पहचान है’
‘आप’ सांसद ने कहा कि आज के समय में हमारा मोबाइल नंबर हमारी डिजिटल पहचान बन गया है। यह बहुत ज़रूरी है क्योंकि बैंकिंग, UPI पेमेंट, ट्रेन टिकट के लिए OTP, पैन-आधार वेरिफिकेशन, इंटरव्यू कॉल, हॉस्पिटल कॉल और माता-पिता के कॉल – यह सब इनकमिंग कॉल और SMS से ही मुमकिन है। लेकिन यह सब सिर्फ इसलिए बंद कर दिया जाता है क्योंकि कोई रिचार्ज करना भूल गया।
‘इनकमिंग बंद करना कम्युनिकेशन के अधिकार को रोकना है’
उन्होंने कहा कि इनकमिंग बंद करना सिर्फ सर्विस बंद करना नहीं है, बल्कि हमारे ‘कम्युनिकेशन के अधिकार’ (कम्युनिकेशन का अधिकार) को रोकना है। जैसे आधार कार्ड डिटेल्स न भरने पर एक्सपायर नहीं होता, या हर महीने पैसे जमा न करने पर बैंक अकाउंट बंद नहीं होता, वैसे ही मोबाइल नंबर भी डीएक्टिवेट नहीं होना चाहिए।
राघव चड्ढा ने साफ किया कि वह फ्री आउटगोइंग या फ्री डेटा की मांग नहीं कर रहे हैं, लेकिन इनकमिंग की गारंटी होनी चाहिए। उन्होंने सदन में ये तीन ज़रूरी मांगें रखीं:
एक साल की वैलिडिटी: प्री-पेड कनेक्शन में इनकमिंग कॉल और SMS की सुविधा आखिरी रिचार्ज के कम से कम एक साल बाद तक जारी रहनी चाहिए।
तीन साल का ग्रेस पीरियड: कोई भी मोबाइल नंबर कम से कम 3 साल बाद ही डीएक्टिवेट होना चाहिए। ऐसा न हो कि आपका नंबर तुरंत किसी और को अलॉट हो जाए।
सस्ते रिचार्ज प्लान: मोबाइल कंपनियों को सिर्फ इनकमिंग सर्विस चालू रखने के लिए कम कीमत वाले रिचार्ज ऑप्शन देने चाहिए।



