
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने मेरा युवा भारत (माय भारत) मंच (mybharat.gov.in) के माध्यम से, माय भारत बजट क्वेस्ट 2026 के ग्रैंड फिनाले से पहले 12 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक राष्ट्रव्यापी नारी शक्ति युवा संसद का आयोजन किया। “नारी शक्ति: विकसित भारत की आवाज – समावेशी लोकतंत्र को सशक्त बनाना” विषय पर आधारित यह पहल एक साथ 17 क्षेत्रों में आयोजित की गई, जिसमें 7,000 से अधिक युवा महिलाओं को संगठित लोकतांत्रिक भागीदारी और युवा नेतृत्व वाले नीतिगत संवाद के एक ऐतिहासिक अभ्यास में एक साथ लाया गया।
यह व्यापक राष्ट्रीय भागीदारी नीति-निर्माण के केंद्र में युवा शक्ति को रखने के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। विशेष रूप से, केंद्रीय बजट 2026 में शामिल कई विचार विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग (वीबीवाईएलडी) 2026 के दौरान हुई चर्चाओं से प्रेरित हैं, जो राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को निर्धारित करने में संगठित युवा परामर्शों की भूमिका को सुदृढ़ करते हैं।
देश भर में फैले इस कार्यक्रम का आयोजन मुंबई (महाराष्ट्र), अमरावती (आंध्र प्रदेश), बेंगलुरु (कर्नाटक), भोपाल (मध्य प्रदेश), रायपुर (छत्तीसगढ़), भुवनेश्वर (ओडिशा), हिसार (हरियाणा), दिल्ली, चंडीगढ़, शिलांग (पूर्वोत्तर क्षेत्र), अहमदाबाद (गुजरात), हैदराबाद (तेलंगाना), जयपुर (राजस्थान), रांची (झारखंड), लखनऊ (उत्तर प्रदेश), पटना (बिहार) और श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) में किया गया, जो इस पहल के व्यापक दायरे, विविधता और समावेशिता को दर्शाता है।
नारी शक्ति यूथ पार्लियामेंट संसद ने विभिन्न शैक्षणिक, सामाजिक और क्षेत्रीय पृष्ठभूमियों की युवा महिलाओं को एक साथ लाकर भारत की लोकतांत्रिक और विकास यात्रा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए एक विश्वसनीय और सुनियोजित मंच तैयार किया। सभी क्षेत्रों में प्रतिभागियों ने परामर्श और संसदीय शैली के संवाद में भाग लिया, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों, जानकारी से पूर्ण चर्चा और जनभागीदारी के प्रति उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता प्रदर्शित हुई।
विचार-विमर्श का एक प्रमुख पहलू विधायी संस्थाओं में महिला प्रतिनिधित्व को मजबूत करने पर केंद्रित चर्चा थी। सत्रों का समापन सभी 17 क्षेत्रों में एक औपचारिक प्रस्ताव को अपनाने के साथ हुआ, जिसमें सामूहिक रूप से संविधान (संशोधन) विधेयक, 2026 का समर्थन किया गया, जिसमें लोकसभा की सीटों की संख्या को 543 से बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव है, इसमें महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण शामिल है। यह प्रस्ताव नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को 2029 के आम चुनाव से समय पर लागू करने का समर्थन करता है, साथ ही महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की तत्काल और प्रभावी प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए परिसीमन संबंधी बाधाओं से कार्यान्वयन को अलग करने की आवश्यकता पर जोर देता है, जिससे एक समावेशी और सहभागी लोकतंत्र की नींव मजबूत हो सके।
विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों और जन प्रतिनिधियों ने शिरकत की, जिन्होंने भारत के विकास पथ में नारी शक्ति की अग्रणी और निर्णय-निर्माता के रूप में बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया। युवा संसद युवा महिलाओं के लिए अपने दृष्टिकोण को व्यक्त करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और राष्ट्रीय चर्चा में सार्थक योगदान देने का एक सशक्त मंच बनकर उभरी।
इस राष्ट्रव्यापी नीतिगत पहल के पूरक के रूप में, मंत्रालय ने साथ ही साथ कई स्थानों पर ‘‘संडेज ऑन साइकिल’’ का आयोजन किया, जिसमें युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस पहल ने पर्यावरण जागरूकता, फिटनेस और सतत जीवन शैली को बढ़ावा दिया, जिससे हरित एवं विकसित भारत के निर्माण के प्रति साझा प्रतिबद्धता को बल मिला। इन समानांतर पहलों ने मिलकर युवा लामबंदी का एक समग्र मॉडल प्रस्तुत किया, जिसमें युवा महिलाओं ने संगठित नीतिगत चर्चा का नेतृत्व किया और युवाओं ने समुदाय-संचालित कार्रवाई का समर्थन किया, जिससे सहभागी और समावेशी राष्ट्र निर्माण की परिकल्पना को सामूहिक रूप से आगे बढ़ाया जा सका।
इस व्यापक और समन्वित पहल का 17 क्षेत्रों में सफल क्रियान्वयन, युवाओं को व्यापक स्तर पर संगठित करने और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को सार्थक जमीनी स्तर की भागीदारी में बदलने की माय भारत की संस्थागत क्षमता का प्रमाण है। भारत, विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की ओर अग्रसर होने के साथ-साथ, नारी शक्ति युवा संसद एक ऐसी पीढ़ी के उदय को रेखांकित करती है जो जागरूक, मुखर और कर्मठ है – जहां नारी शक्ति न केवल शासन में भाग ले रही है, बल्कि सक्रिय रूप से राष्ट्र के भविष्य को आकार दे रही है।



