
पाकिस्तान सरकार ने सात भारतीय नागरिकों को रिहा करने और भारत डिपोर्ट करने का ऑर्डर जारी किया है। यह ऑर्डर पंजाब सरकार (पाकिस्तान) के होम डिपार्टमेंट ने जारी किया है। ऑर्डर के मुताबिक, इन सभी भारतीय कैदियों को 31 जनवरी को लाहौर में अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत को सौंपा जाएगा।
डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि यह फैसला पाकिस्तान के गृह मंत्रालय और इस्लामाबाद के नारकोटिक्स कंट्रोल मंत्रालय ने लिया है। भारत सरकार ने इन कैदियों की नागरिकता कन्फर्म कर दी है और सभी ने अपनी सज़ा पूरी कर ली है।
रिहा किए जा रहे कैदियों में चंद्र सिंह उर्फ छिंदर सिंह, गुरमीत सिंह उर्फ गुरमेज सिंह, जोगिंदर सिंह, हरविंदर सिंह, विशाल, रतन पाल और सुनील आड़े उर्फ प्रसन्नजीत शामिल हैं। ये सभी अभी लाहौर की सेंट्रल जेल में बंद थे।
ऑर्डर में जेल एडमिनिस्ट्रेशन को सभी कानूनी और कागजी फॉर्मैलिटी पूरी करने और कैदियों को कड़ी सुरक्षा में वाघा बॉर्डर लाने का निर्देश दिया गया है। उन्हें आज वहां इमिग्रेशन अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा। इस फैसले को मानवीय आधार पर उठाया गया कदम माना जा रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच एक पॉजिटिव मैसेज जाने की उम्मीद है।



