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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ब्राजील के राष्ट्रपति का औपचारिक किया स्वागत

राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (21 फरवरी, 2026) राष्ट्रपति भवन में ब्राजील के राष्ट्रपति, महामहिम श्री लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा का औपचारिक स्वागत किया।

राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (21 फरवरी, 2026) राष्ट्रपति भवन में ब्राजील के राष्ट्रपति, महामहिम श्री लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा का औपचारिक स्वागत किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मु ने उनके सम्मान में एक राजकीय भोज का भी आयोजन किया।

राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति लूला का स्वागत करते हुए, राष्ट्रपति मुर्मु ने एआई इम्पैक्ट समिट में उनकी भागीदारी और बहुमूल्य योगदान के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने पिछले वर्ष ब्राजील में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और सीओपी-30 सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए भी उन्हें बधाई दी।

राष्ट्रपति ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी कई प्रमुख क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रही है। इनमें व्यापार और निवेश, रक्षा, तेल और गैस, बायो-फ्यूल, कृषि और पशुपालन, स्वास्थ्य सेवा और पारंपरिक चिकित्सा, अंतरिक्ष, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, डिजिटल सहयोग और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।

राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि लैटिन अमेरिका में ब्राजील भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार के विस्तार और विविधीकरण की यहाँ असीम संभावनाएं हैं। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि भारत मर्कोसुर (MERCOSUR) के साथ वरीयता व्यापार समझौते के विस्तार के लिए उत्सुक है और ब्राजील के साथ व्यापारिक संबंधों को और गहरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

राष्ट्रपति ने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि हाल के वर्षों में कृषि के क्षेत्र में भारत-ब्राजील सहयोग और अधिक मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक और द्वितीयक उत्पादों के साथ-साथ कृषि-रसायनों का हमारा व्यापार काफी बढ़ा है। राष्ट्रपति ने फसल उत्पादन, सिंचाई तकनीक, कटाई के बाद के प्रबंधन और जैव-प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान और तकनीक हस्तांतरण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

राष्ट्रपति ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में भारत और ब्राजील के बीच एक मजबूत साझेदारी है, जिसमें पारंपरिक और अक्षय ऊर्जा के साथ-साथ व्यापार और निवेश भी शामिल हैं। उन्होंने ग्लोबल बायोफ्यूल एलायंस के प्रति ब्राजील के निरंतर समर्थन की सराहना की। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) के सदस्य के रूप में भी भारत-ब्राजील की यह साझेदारी अत्यंत फलदायी रही है।

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