पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ जंग ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ में बनाया अनोखा बेंचमार्क
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की लीडरशिप में पंजाब सरकार ने अपने खास एंटी-ड्रग कैंपेन ''युद्ध नशे विरुद्ध'' के 300 दिन पूरे कर लिए हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की लीडरशिप में पंजाब सरकार ने अपने खास एंटी-ड्रग कैंपेन ”युद्ध नशे विरुद्ध” के 300 दिन पूरे कर लिए हैं। यह राज्य की ड्रग्स के गलत इस्तेमाल और ट्रैफिकिंग के खिलाफ प्लान की गई लड़ाई में एक बड़ी कामयाबी है, जिसमें पंजाब सरकार, पंजाब के लोगों और पंजाब के सभी सरकारी डिपार्टमेंट ने हर मुमकिन मदद देकर एक बड़ी मिसाल कायम की है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की लीडरशिप में शुरू किए गए इस कैंपेन को पंजाब ने एक ऐतिहासिक और जन आंदोलन बताया है। ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ का लेवल, इरादा और उसे लागू करना न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में अनोखा है। जानकारी के मुताबिक, अब ‘ड्रग्स के खिलाफ जंग’ कैंपेन का दूसरा फेज शुरू होगा। पंजाब सरकार ने 1 मार्च 2025 से जो मुहिम शुरू की थी, उसमें अगर केसों की बात करें तो 28485 केस दर्ज हुए हैं, जिनमें 41517 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें पंजाब पुलिस ने 1819.693 kg हेरोइन, 0.266 kg स्मैक, 500 kg से ज़्यादा अफीम, 27160 kg भुक्का, 40 kg चरस, 577 kg गांजा, 4.364 kg कोकीन और 25 kg आइस जब्त की है। इसी तरह 1666 इंजेक्शन और 40 kg पाउडर जब्त किया गया है, जिसमें 46 लाख टैबलेट और कैप्सूल जब्त किए गए हैं, जबकि 15 करोड़ से ज़्यादा की ड्रग मनी जब्त की गई है, जिसमें 2 दिन बाद 300 दिन पूरे हो रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में करीब 1 लाख ग्रुप। वोटों की गिनती पूरी हो चुकी है ताकि नशा करने वालों और बेचने वालों पर नज़र रखी जा सके। दूसरा फेज़ 7 जनवरी से शुरू होगा। ड्रग लिबरेशन फ्रंट का काम 25 जनवरी तक पूरा हो जाएगा सभी लोग इसमें हिस्सा लेंगे।



