
पंजाब सरकार पंजाब में शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। आपको बता दें कि इसी प्रयास के तहत पंजाब सरकार ने पंजाब के सभी छात्रों को करियर गाइडेंस संबंधी समान अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब सरकार ने अपनी सरकारी स्कूल शिक्षा प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.)-आधारित करियर गाइडेंस को एकीकृत करने की अपनी तरह की अनोखी पहल की शुरुआत की है। पायलट चरण के तहत सरकारी और पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पी.एस.ई.बी.) से मान्यता प्राप्त स्कूलों में 25 ए.आई.-आधारित करियर गाइडेंस लैबोरेटरीज का उद्घाटन किया गया है। पंजाब सरकार ने सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नंगल और सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (लड़कियां), श्री आनंदपुर साहिब में एक साथ इन लैबोरेटरीज का उद्घाटन करके इस पहलकदमी की शुरुआत की। एजूकेशन-टेक पार्टनर ‘बियोंड मेंटर’ के सहयोग से लागू किया गया यह प्रोग्राम प्रदेश के छात्रों को मुफ्त करियर गाइडेंस देगा। इस पहलकदमी का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को सही समय पर सही साधनों से सशक्त बनाना है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत कवर किए गए 25 स्कूलों की कार्यक्षमता, छात्रों के परिणाम और कार्य-कुशलता की निकट से निगरानी की जाएगी। इस पहलकदमी के सफलतापूर्वक लागू होने पर पंजाब भर में इसके चरणबद्ध विस्तार के लिए रास्ता साफ हो जाएगा, जिससे पंजाब अपने सार्वजनिक शिक्षा ढांचे में योजनाबद्ध ए.आई.-आधारित करियर गाइडेंस को शामिल करने वाले देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो जाएगा। यह पहलकदमी मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था की जरूरतों के मुताबिक अपने छात्रों को तैयार करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। करियर गाइडेंस की सुविधा केवल अमीरों का हक नहीं होनी चाहिए और हम इसी पक्ष को ध्यान में रखते हुए सरकारी स्कूलों में संरचनात्मक, ए.आई.-आधारित काउंसलिंग सुविधा प्रदान करके यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर बच्चे, चाहे उसका सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि कुछ भी हो, को अपने भविष्य के बारे में अपनी मर्जी के अनुसार चुनाव का मौका मिले। छात्रों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ए.आई.-आधारित योग्यता और रुचि के मूल्यांकन प्रक्रिया से गुजरना होगा। यह सिस्टम एक व्यक्तिगत करियर रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसमें छात्र की संभावित शैक्षणिक और व्यावसायिक रुचियों को उजागर किया जाएगा और फिर पेशेवर सलाहकार छात्रों के साथ वन-टू-वन सेशन करेंगे, जिसमें माता-पिता को शामिल करके रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए एक कार्यशील योजना तैयार की जाएगी। यह मॉडल पारंपरिक तरीकों से अलग तैयार किया गया है ताकि शुरुआती चरण- 6वीं कक्षा से ही छात्रों की रुचि के अनुसार व्यक्तिगत, डेटा-आधारित गाइडेंस प्रदान की जा सके। सच्ची शिक्षा वही है जो आपके लिए सुनहरा भविष्य का रास्ता खोले। ये लैबोरेटरीज़ छात्रों को नंबरों की दौड़ के पुराने तरीकों से हटकर अपने प्राकृतिक हुनर को पहचानते हुये इसे ठोस करियर लक्ष्यों की ओर निर्देशित करने में मदद करेंगी।



