
पंजाब सरकार ने राज्य के पेंशनरों के लिए पेंशन सेवाओं को अधिक सुचारू, सरल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से तैयार किए गए ‘पेंशनर सेवा पोर्टल’ का शुभारंभ किया। इस पोर्टल, https://pensionersewa.punjab.gov.in। का उद्देश्य पेंशन वितरण मामलों की प्रक्रिया को स्वचालित बनाना और पेंशनरों व पारिवारिक पेंशनरों को विभिन्न ऑनलाइन सेवाएँ प्रदान कर रहा। पोर्टल की शुरुआत में पेंशनरों को प्रमुख सेवाएँ प्रदान की जाएंगी, जिन में जीवन प्रमाण’ मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना, उत्तराधिकारी मॉड्यूल के जरिए पेंशन को पारिवारिक पेंशन में परिवर्तित करने के लिए आवेदन देना,लीव ट्रैवल कंसेशन (एल.टी.सी.) के लिए आवेदन करना, शिकायत निवारण मॉड्यूल के माध्यम से पेंशन संबंधी शिकायतें दर्ज करना,प्रोफाइल अपडेट मॉड्यूल के जरिए व्यक्तिगत जानकारी में संशोधन करना,ई-के.वाई.सी. सत्यापन की सुविधा लेना, ‘जीवन प्रमाण’ मोबाइल ऐप एंड्रॉइड फोन पर https://play.google.com/store/apps/details?id=com.aadhaar.life और एप्पल फोन पर https://apps.apple.com/in/app/jeevanpramaan/id6736359405 से डाउनलोड की जा सकती है। इन सेवाओं का लाभ उठाने की प्रक्रिया सरल और उपयोगकर्ता-अनुकूल है। पेंशनर आधार प्रमाणीकरण सुविधा के माध्यम से ई-के.वाई.सी. पूर्ण कर ‘पेंशनर सेवा पोर्टल’ पर पंजीकरण कर सकते हैं। इसके बाद वे अपने मोबाइल फोन, पीसी या लैपटॉप के माध्यम से लॉगिन करके घर बैठे ही इन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। इन सेवाओं का लाभ नज़दीकी सेवा केंद्रों, संबंधित बैंक शाखाओं या ज़िला कोषालय कार्यालयों के माध्यम से भी लिया जा सकता है। इसके अलावा होम डिलीवरी सेवा का विकल्प भी उपलब्ध है। फिलहाल यह पोर्टल केवल भारत के भीतर ही लागू है, इसलिए विदेशी पेंशनरों को प्रारंभिक चरण में ई-के.वाई.सी. पूर्ण करने की आवश्यकता नहीं है। एन.आर.आई. पेंशनरों के लिए ई-के.वाई.सी. सुविधा को जल्द ही सक्षम किया जाएगा। तब तक विदेशी पेंशनर पहले की तरह मैनुअल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कराते रहेंगे। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने स्वीकार किया कि कुछ पेंशनरों को प्रारंभिक रजिस्ट्रेशन के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इस पर तुरंत सहायता और समाधान उपलब्ध कराने के लिए डायरेक्टरेट ऑफ ट्रेज़रीज़ एंड अकाउंट्स, पेंशन और नई पेंशन स्कीम में एक ‘वार रूम’ स्थापित किया गया है। इसके साथ ही, शिकायतों के त्वरित निपटान हेतु तीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए— 1800-180-2148, 0172-2996385, 0172-2996386 — जो सभी कार्य दिवसों में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक सक्रिय रहेंगे। ज़िला कोषालयों, बैंकों और सेवा केंद्रों के कर्मचारियों को इस पोर्टल के संचालन के लिए प्रशिक्षण दिया गया है और विस्तृत दिशानिर्देश भी जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह प्रणाली पहले ही सफलतापूर्वक परीक्षण चरण पूरा कर चुकी है, जिससे राज्यभर में इसके पूर्ण कार्यान्वयन का मार्ग प्रशस्त हुआ है।



