खबरपंजाबराजनीतिराज्य

पंजाब सरकार की दूरदर्शी नीतियों का परिणाम: सरकारी स्कूल की शिक्षा जगा रही पंजाबी भाषा की अलख

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार के शिक्षि सोशल मीडिया पर पंजाबी भाषा, संस्कृति और इतिहास की अलख जगाने वाली एक प्रेरणास्त्रोत बन चुके हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार के शिक्षि सोशल मीडिया पर पंजाबी भाषा, संस्कृति और इतिहास की अलख जगाने वाली एक प्रेरणास्त्रोत बन चुके हैं। अपने नवाचारी शिक्षण तरीकों और डिजिटल माध्यम के प्रभावी उपयोग से पंजाब के सरकारी स्कुल के शिक्षक ने न केवल अपने विद्यालय के छात्रों को प्रभावित किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाबी भाषा को बचाने और बढ़ावा देने के लिए जो क्रांतिकारी कदम उठाए हैं, उनका सुखद परिणाम आज पूरे प्रांत में दिखाई दे रहा है। पारंपरिक शिक्षण विधियों के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर पंजाबी भाषा को रोचक और प्रासंगिक बनाने का अनूठा प्रयास कक्षा में वे गुरबाणी, लोक गीतों, पंजाबी साहित्य और प्रांत के गौरवशाली इतिहास को इस तरह प्रस्तुत करती हैं कि बच्चे स्वतः ही अपनी जड़ों से जुड़ जाते हैं। कक्षाएं केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत दर्पण बन जाती हैं। छात्र-छात्राएं पंजाबी कविताओं, कहानियों और नाटकों के माध्यम से भाषा की गहराई और सुंदरता को समझते हैं। विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर पंजाबी भाषा के दैनिक पाठ, मुहावरे, ऐतिहासिक तथ्य, लोककथाएं और सांस्कृतिक परंपराओं को सरल और आकर्षक तरीके से साझा करना शुरू किया है। वीडियो और पोस्ट केवल पंजाब में ही नहीं, बल्कि देश-विदेश में बसे पंजाबी समुदाय के बीच भी अत्यंत लोकप्रिय हो गए हैं।पंजाब सरकार की दूरदर्शी भाषा नीति और शिक्षा सुधारों ने ऐसी प्रतिभाओं को फलने-फूलने का अवसर प्रदान किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सत्ता संभालने के बाद से ही पंजाबी भाषा को प्रोत्साहित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। पंजाब सरकार ने अनेक ऐतिहासिक योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें सरकारी स्कूलों में पंजाबी शिक्षण को अनिवार्य और आकर्षक बनाना, शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम, पंजाबी साहित्य और संस्कृति पर आधारित पाठ्यक्रम का आधुनिकीकरण और डिजिटल शिक्षण सामग्री का व्यापक विकास शामिल है।

यह पंजाब सरकार की नीतियों की शानदार सफलता का जीवंत उदाहरण है। “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाबी भाषा को केवल संरक्षित ही नहीं रखने का संकल्प लिया है, बल्कि इसे आधुनिक समय में प्रासंगिक और गतिशील बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। पंजाब सरकार ने शिक्षकों को वह स्वतंत्रता और संसाधन दिए हैं जो पहले कभी नहीं मिले थे। जब हमारे सरकारी स्कूलों की शिक्षिकाएं इस तरह का समर्पण और नवाचार दिखाती हैं, तो यह साबित करता है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में उठाए गए कदम ठोस और दूरगामी परिणाम दे रहे हैं एक वरिष्ठ अधिकारी ने गर्व से कहा।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button