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भारत में कनाडा के उच्चायुक्त ने महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में भारत-कनाडा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सीएसआईआर-आईएमएमटी का दौरा किया

भारत में कनाडा के उच्चायुक्त महामहिम श्री क्रिस कूटर ने सीएसआईआर-इंस्टीट्यूट ऑफ मिनरल्स एंड मैटेरियल्स टेक्नोलॉजी (सीएसआईआर-आईएमएमटी) का दौरा किया।

भारत में कनाडा के उच्चायुक्त महामहिम श्री क्रिस कूटर ने सीएसआईआर-इंस्टीट्यूट ऑफ मिनरल्स एंड मैटेरियल्स टेक्नोलॉजी (सीएसआईआर-आईएमएमटी) का दौरा किया। इस दौरे में उनके साथ उच्चायुक्त की पत्नी सुश्री कैरेन जोन ब्लुमेनशाइन, कनाडा के उच्चायोग से व्यापार आयुक्त श्री अर्जुन कुमार दत्ता और राजनीतिक, आर्थिक एवं जनसंपर्क अधिकारी श्री रोहित शुक्ला भी उपस्थित थे।

कनाडा के प्रतिनिधिमंडल ने सीएसआईआर-आईएमएमटी के निदेशक डॉ. रामानुज नारायण और वरिष्ठ वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं से महत्वपूर्ण खनिजों, सतत संसाधन प्रसंस्करण और उन्नत धातुकर्म प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में वैज्ञानिक एवं तकनीकी सहयोग के अवसरों पर चर्चा की। डॉ. नारायण ने संस्थान की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहलों पर प्रकाश डाला, जिनमें सहयोगी अनुसंधान और अकादमिक आदान-प्रदान के लिए सस्केचेवान विश्वविद्यालय के साथ हस्ताक्षरित संयुक्त आशय घोषणा पत्र (जेडीआई) भी शामिल है। भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा सीएसआईआर-आईएमएमटी में स्थापित महत्वपूर्ण खनिजों के उत्कृष्टता केंद्र की प्रमुख डॉ. काली संजय ने महत्वपूर्ण खनिजों से संबंधित चल रहे अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास और मानव संसाधन क्षमता निर्माण गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।

स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों, विद्युत गतिशीलता, उन्नत विनिर्माण और रणनीतिक उद्योगों के लिए आवश्यक खनिजों की तेजी से बढ़ती वैश्विक मांग के कारण भारत और कनाडा महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में रणनीतिक साझेदार के रूप में उभर रहे हैं। कनाडा के पास महत्वपूर्ण खनिजों का पर्याप्त भंडार और उन्नत खनन विशेषज्ञता है, वहीं भारत खनिज प्रसंस्करण, अनुगामी प्रौद्योगिकियों और विनिर्माण में अपनी क्षमता का विस्तार कर रहा है। भारत-कनाडा के बीच मजबूत सहयोग से लचीली और विविध महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं को सहयोग मिलने, तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने, अनुसंधान साझेदारियों को मजबूत करने और वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन में महत्वपूर्ण योगदान देने की उम्मीद है।

इस यात्रा के हिस्से के रूप में, कनाडाई प्रतिनिधिमंडल ने सीएसआईआर-आईएमएमटी में कई उन्नत अनुसंधान सुविधाओं का दौरा किया, जिनमें प्लैटिनम ग्रुप एलिमेंट्स (पीजीई) पायलट प्लांट, रीसाइक्लिंग पायलट प्लांट, सीबेड मिनरल्स पायलट प्लांट और मोल्टेन सॉल्ट इलेक्ट्रोलाइसिस पायलट सुविधा शामिल हैं।

इस वार्ता में नवाचार, स्थिरता और ज्ञान साझाकरण के माध्यम से भविष्य की महत्वपूर्ण खनिज चुनौतियों से निपटने के लिए भारत और कनाडा के बीच गहन वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग के महत्व पर बल दिया गया। बैठक के दौरान संयुक्त अनुसंधान कार्यक्रमों, क्षमता निर्माण, तकनीकी प्रशिक्षण और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण से संबंधित अवसरों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

यह दौरा सीएसआईआर-आईएमएमटी परिसर में वृक्षारोपण अभियान के साथ समाप्त हुआ, जो सतत विकास और दीर्घकालिक वैज्ञानिक सहयोग के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

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