
पंजाब में मॉनसून शुरू होने से पहले भाखड़ा में पानी का लेवल काफी बढ़ गया है, जिससे भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड की चिंता बढ़ गई है। इसके चलते बोर्ड ने हालात पर अपनी चिंता जताई है। इसके साथ ही BBMB ने पार्टनर राज्यों से एक्स्ट्रा पानी लेने को कहा है। भाखड़ा में पानी का लेवल अभी 1,578 फीट तक पहुंच गया है। गर्मी बहुत ज़्यादा है। अगर पानी का लेवल इसी लेवल पर रहा, तो आने वाले समय में बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं।
BBMB के चेयरमैन मनोज त्रिपाठी ने टेक्निकल कमेटी की मीटिंग की। उन्होंने कहा कि मॉनसून से पहले डैम में पानी का लेवल कम किया जाना चाहिए। पिछले साल पंजाब को बाढ़ का सामना करना पड़ा था। भाखड़ा डैम में पानी का लेवल अभी 1578.07 फीट है, जो पिछले साल से 21.47 फीट ज़्यादा है।
BBMB ने सलाह दी है कि अभी धान का सीजन चल रहा है, इसलिए पंजाब और हरियाणा को अपने हिस्से का पानी इस्तेमाल करना चाहिए। मानसून की भारी बारिश और पहाड़ों में पिघलती बर्फ से आने वाले पानी को संभालने के लिए जलाशय (गोबिंद सागर झील) में स्टोरेज कैपेसिटी बनाना ज़रूरी है। डैम में पहले से ही पानी का लेवल ज़्यादा है, इसलिए मानसून के दौरान पानी अचानक बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा हो सकता है। इसे रोकने के लिए पानी छोड़ना एक समझदारी भरा कदम है।



