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शिवराज सिंह चौहान ने विकसित भारत–जी राम जी के लिए राज्यों को ₹25,863 करोड़ की पहली किस्त जारी की

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत–जी राम जी का पूरे देश में एक ही दिन में सफल एवं निर्बाध क्रियान्वयन: शिवराज सिंह चौहान

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) [वीबी–जी राम जी] के क्रियान्वयन की समीक्षा की तथा राज्यों को योजना के संचालन के लिए ₹25,863 करोड़ की पहली किस्त (मदर सैंक्शन) जारी की।

बैठक को संबोधित करते हुए श्री चौहान ने कहा कि सरकार का संकल्प था कि 1 जुलाई, 2026 से विकसित भारत–जी राम जी पूरे देश में बिना किसी व्यवधान के लागू हो। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि योजना पूरे देश में सफलतापूर्वक लागू हो चुकी है तथा मनरेगा से विकसित भारत–जी राम जी में ट्रांजीशन पूरी तरह सहज और सुचारु रहा है। अब तक किसी भी प्रकार की तकनीकी अथवा संचालन संबंधी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि गरीब मजदूर भाई-बहनों की सेवा ही भगवान की सेवा है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण श्रमिकों को सम्मानजनक रोजगार, समय पर मजदूरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण सुनिश्चित करना है।

चौहान ने कहा कि मनरेगा को पूरे देश में लागू होने में लगभग तीन वर्ष का समय लगा था, जबकि विकसित भारत–जी राम जी एक ही दिन में पूरे देश में लागू हो गया। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, राज्यों के सहयोग तथा देश की प्रशासनिक क्षमता की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री के संकल्प, सुशासन और प्रभावी समन्वय का प्रतीक है।

मंत्री ने प्रारंभिक प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि पहले सप्ताह में बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों में कार्य प्रारंभ हुए हैं तथा लाखों ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने आंध्र प्रदेश, केरल और राजस्थान की विशेष सराहना करते हुए कहा कि इन राज्यों ने पहले ही दिन बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध कराया। उन्होंने ओडिशा और पश्चिम बंगाल से शेष ग्राम पंचायतों में शीघ्र कार्य प्रारंभ करने का आग्रह किया तथा झारखंड से योजना को अधिसूचित कर आवश्यक बजटीय प्रावधान सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। जिन राज्यों में आरबीआई खाते खोलने अथवा अन्य प्रक्रियाएं लंबित हैं, उन्हें भी समयबद्ध ढंग से पूरा करने को कहा गया।

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