
फाइनेंस मिनिस्टर राधा कृष्ण किशोर पुलिस हेडक्वार्टर से मिली अनदेखी से नाखुश हैं। हालांकि उन्होंने अपनी शिकायत पब्लिक नहीं की है, लेकिन हाल ही में उन्होंने DGP को लेटर लिखकर अपने सिक्योरिटी काफिले के लिए एक एक्स्ट्रा गाड़ी की रिक्वेस्ट की है।
माना जा रहा है कि राधा कृष्ण किशोर इस रिक्वेस्ट पर एक्शन न होने से नाराज़ हैं और इसलिए उन्होंने उन्हें दिए गए सिक्योरिटी वाले और गाड़ियां वापस कर दी हैं। झारखंड सरकार में ‘नंबर 2’ की हैसियत रखने वाले और कांग्रेस कोटे से सबसे सीनियर मंत्री राधा कृष्ण किशोर के इस कदम से हर कोई हैरान है। शुक्रवार को मंत्री ने उन्हें दिए गए 16 सिक्योरिटी गार्ड और तीन सिक्योरिटी गाड़ियां राज्य सरकार को लौटा दीं। मंत्री के करीबी सूत्रों का कहना है कि सिक्योरिटी वाले उन्हें दिए गए गाड़ियों में बैठने के लिए मजबूर थे।
इस स्थिति से परेशान होकर फाइनेंस मिनिस्टर ने तीनों गाड़ियां और पूरी सिक्योरिटी टीम वापस कर दी। शुक्रवार सुबह, मिनिस्टर ने खेल गांव स्टेडियम में एक फंक्शन में हिस्सा लिया और बाद में प्रोजेक्ट भवन सेक्रेटेरिएट का दौरा किया, फिर भी इन एक्टिविटीज़ के दौरान उनके साथ कोई सिक्योरिटी वाला नहीं देखा गया। इस फैसले के पीछे का कारण बताते हुए, फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा कि सिर्फ़ 16 सिक्योरिटी वालों को ले जाने के लिए तीन बड़ी गाड़ियों का काफिला रखना सिक्योरिटी के नज़रिए से न तो सही है और न ही प्रैक्टिकल।



