
AAP पंजाब मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने एक्टर-सिंगर दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलज’ को सिर्फ़ दो दिन के अंदर OTT प्लेटफॉर्म से हटाने की निंदा की है। उन्होंने कहा, फिल्म सतलज की कहानी एक ह्यूमन राइट्स डिफेंडर की कहानी है। आप किसी फिल्म को बैन करके असलियत को नहीं रोक सकते। फिल्म को OTT से हटाना ह्यूमन राइट्स की आवाज़ को दबाने की कोशिश है।
बलतेज पन्नू ने कहा कि दिलजीत की फिल्म सतलज को OTT से किसने बैन किया, क्यों बैन किया, ये बड़े सवाल हैं। क्या इस फिल्म को कांग्रेस ने बैन किया था या BJP ने? आज के डिजिटल ज़माने में फिल्में नई पीढ़ी को इतिहास बताने का एक ज़रिया हैं! पंजाब की नई पीढ़ी जानना चाहती है कि 1978, 1984 जैसे किस ज़माने में क्या हुआ था। फिल्में इसी इतिहास को बताने का एक ज़रिया हैं और इसी सिलसिले में, स्वर्गीय जसवंत सिंह खालरा की ज़िंदगी से जुड़ी एक फिल्म हाल ही में बहुत सारे सवालों और विवादों के बाद रिलीज़ हुई।
बलतेज पन्नू ने आगे कहा कि अगर ऐसी फिल्में रिलीज़ नहीं होंगी तो युवाओं को इतिहास के बारे में कौन बताएगा? विपक्षी पार्टियों ने फिल्म को रोकने के लिए हाथ मिला लिया है। विपक्षी पार्टी युवाओं को इतिहास नहीं दिखाना चाहती। क्या लोगों को दिखाया जाएगा कि विपक्षी पार्टी क्या कहती है? फिल्म सतलुज को OTT से नहीं हटाना चाहिए था बल्कि यह फिल्म आम लोगों को खुलेआम दिखानी चाहिए थी।



