खबरदेश

भारतीय रेलवे ने महाराष्ट्र में ₹228 करोड़ की लागत से तडाली-घुघुस रेलवे खंड को डबल करने की मंज़ूरी दी

14 किलोमीटर की यह डबलिंग परियोजना दिल्ली-चेन्नई हाई डेंसिटी नेटवर्क पर माल ढुलाई की क्षमता और ऑपरेशनल दक्षता को बढ़ाएगी

रेलवे की ढ़ांचागत व्यवस्था को बेहतर और माल ढुलाई को आसान बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, भारतीय रेलवे ने महाराष्ट्र में तडाली-घुघुस रेलवे खंड (14 किमी) को डबल करने की मंज़ूरी दी है। इस परियोजना की कुल लागत ₹228 करोड़ होगी। इस परियोजना को रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के मकसद से डबलिंग/ट्रिपलिंग/क्वाड्रपलिंग/ फ्लाईओवर/बाईपास जैसे कार्यों के तहत मंज़ूरी दी गई है।

तडाली-घुघुस खंड फिलहाल वर्धा-बल्हारशाह सेक्शन पर एक सिंगल-लाइन वाला हिस्सा है, जो दिल्ली-चेन्नई हाई डेंसिटी नेटवर्क (एचडीएन) मार्ग का हिस्सा है। इस खंड के डबलिंग होने से ट्रेनों के संचालन को बेहतर बनाने और इस अहम मार्ग पर माल ढुलाई की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

यह खंड मुख्य रूप से माल ढुलाई पर केंद्रित है और इसमें कोयला, लौह अयस्क, जिप्सम, आईओबीटी पीओएल (पेट्रोलियम उत्पाद), रेत और लैटेराइट ऐश जैसी ज़रूरी चीज़ों की ढुलाई होती है। मौजूदा लाइन की क्षमता बढ़ने की उम्मीद के साथ, डबलिंग प्रोजेक्ट से बेहद ज़रूरी अतिरिक्त क्षमता मिलेगी। पूरा होने पर, इस परियोजना से हर साल 4.5 मिलियन टन (एमटीपीए) अतिरिक्त ट्रैफिक को संभालने में मदद मिलेगी, जिससे माल ढुलाई की क्षमता मज़बूत होगी और इलाके में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

तडाली-घुगुस खंड की डबलिंग परियोजना क्षमता में वृद्धि, माल ढुलाई की दक्षता में सुधार करने और देश भर में अहम रेल कॉरिडोर को मज़बूत करने पर भारतीय रेलवे के लगातार फोकस को दर्शाता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button