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राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार-2026 के लिए नामांकन आमंत्रित

राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार-2026 के लिए नामांकन आमंत्रित

मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत पशुपालन और डेयरी विभाग, किसानों को सतत आजीविका प्रदान करने के लिए पशुपालन और डेयरी क्षेत्र के प्रभावी विकास हेतु हरसंभव प्रयास कर रहा है। भारत की स्वदेशी गोवंशीय नस्लें सुदृढ़ हैं और उनमें राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की आनुवंशिक क्षमता है। “राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम)”, दिसंबर 2014 में स्वदेशी गोवंशीय नस्लों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण और विकास करने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया था।

आरजीएम के अंतर्गत, वर्ष 2021 से यह विभाग डेयरी किसानों, डेयरी सहकारी समितियों, एमपीसी, एफपीओ और कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियनों (एआईटी) के प्रयासों को मान्यता देने और प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार (एनजीआरए) प्रदान कर रहा है। इस वर्ष भी राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2026 के लिए निम्नलिखित श्रेणियों में नामांकन आमंत्रित किए जाते हैं:

  • स्वदेशी गाय और भैंस नस्लों का पालन करने वाले सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान (विवरण दिशानिर्देश में प्रदान किए गए हैं)।
  • सर्वश्रेष्ठ डेयरी सहकारी समिति (डीसीएस), दूध उत्पादक कंपनी (एमपीसी) और डेयरी किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ)।
  • सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (एआईटी)।

उत्तर पूर्वी क्षेत्र (एनईआर) और हिमालयी राज्यों में डेयरी विकास गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और बढ़ावा देने के लिए इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों हेतु विशेष पुरस्कार का प्रावधान है।

एनजीआरए 2026 उपर्युक्त प्रत्येक श्रेणी में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान के विजेताओं को दिया जाएगा, साथ ही उत्तर पूर्वी क्षेत्र (एनईआर) और हिमालयी राज्यों के लिए एक विशेष पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा।

एनजीआरए 2026 में दो श्रेणियों अर्थात सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान और सर्वश्रेष्ठ डीसीएस, एफपीओ और एमपीसी के लिए एक प्रशस्ति प्रमाणपत्र, एक स्मृति चिह्न और निम्नानुसार मौद्रिक पुरस्कार शामिल होंगे:

  • 5,00,000/- (पाँच लाख रुपये) प्रथम स्थान के लिए
  • 3,00,000/- (तीन लाख रुपये) द्वितीय स्थान के लिए और
  • 2,00,000/- (दो लाख रुपये) तृतीय स्थान के लिए
  • 2,00,000/- (दो लाख रुपये) – उत्तर पूर्वी क्षेत्र (एनईआर) और हिमालयी राज्यों के लिए विशेष पुरस्कार।

सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (एआईटी) श्रेणी के मामले में, राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार-2026 में केवल एक प्रशस्ति प्रमाणपत्र और एक स्मृति चिह्न शामिल होगा। कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (एआईटी) श्रेणी में कोई नकद पुरस्कार प्रदान नहीं किया जाएगा।

वर्ष 2026 के दौरान राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार के लिए नामांकन केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल- https://awards.gov.in के माध्यम से 10 अगस्त 2026 से ऑनलाइन प्रस्तुत किए जा सकते हैं। नामांकन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 10 सितंबर 2026 होगी। पुरस्कार राष्ट्रीय दुग्ध दिवस (26 नवंबर, 2026) के अवसर पर प्रदान किए जाएंगे। पात्रता मानदंड और दिशानिर्देशों के संबंध में अधिक जानकारी के लिए https://awards.gov.in अथवा https://dahd.nic.in वेबसाइट देखी जा सकती है।

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