
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह वोट चोरी के खिलाफ शुक्रवार को संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठ गए। वह जब संसद के लिए जा रहे थे, तब पुलिस से कुछ दूर पहले ही उन्हें रोक दिया। इस पर संजय सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि हमें संसद में जाने से पुलिस नहीं रोक सकती। कुछ देर बाद पुलिस उन्हें संसद जाने दी और वह बापू की प्रतिमा के सामने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि देश से तानाशाही का अंत होना तय है। नरेंद्र मोदी और ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा।
शुक्रवार को “आप” सांसद संजय सिंह कुछ समर्थकों के साथ संसद के लिए निकले। इस दौरान उन्हें पुलिस ने रोक दिया। उन्होंने कहा कि एक सांसद को संसद जाने की इजाजत नहीं है। राष्ट्रपति भवन के सामने पुलिस ने रोका तो यही पर धरना शुरू। वोट चोर ज्ञानेश को बचाने के लिए मोदी ने अपना पूरा पुलिस तंत्र लगा दिया है। जनता वोट चोरों को सत्ता से भगाएगी।
संजय सिंह ने कहा कि आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर मैं संसद परिसर में बापू की प्रतिमा के नीचे मौजूद हूं। इसी संसद तक पहुंचने के लिए नरेंद्र मोदी ने ज्ञानेश कुमार के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर वोट चोरी की है और पूरे देश में 13 करोड़ 37 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं। अलग-अलग राज्यों की विधानसभाओं में सत्ता हासिल करने के लिए भी भाजपा ने इसी तरह की वोट चोरी की। आज जब इस वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठाई जा रही है, तो लोगों को बोलने नहीं दिया जा रहा है। जगह-जगह गिरफ्तारियां की जा रही हैं और खुलेआम लोकतंत्र की हत्या हो रही है।
संजय सिंह ने कहा कि जिस बापू ने अंग्रेजों के क्रूर शासन के खिलाफ पूरे देश की जनता को जगाने का काम किया था, आज उनकी जयंती पर मैं उनसे यही प्रार्थना कर रहा हूं कि वे देश की जनता को इन काले अंग्रेजों से लड़ने की ताकत दें। बापू देशवासियों को वोट चोरी और नरेंद्र मोदी, अमित शाह व ज्ञानेश कुमार की तानाशाही के खिलाफ मजबूती से खड़े होने की शक्ति प्रदान करें। सभी देशवासियों से अपील है कि अपनी-अपनी जगह पर आवाज बुलंद करें और वोट चोरी तथा भाजपा की तानाशाही के खिलाफ एकजुट होकर लड़ें।



