
नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति को लेकर भाजपा सरकार को आड़े हाथ लिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक कुलदीप कुमार का कहना है कि भाजपा सरकार सरकारी स्कूलों को बर्बाद कर प्राइवेट स्कूलों को बढ़ावा दे रही है। अरविंद केजरीवाल की सरकार में यही सरकारी स्कूल विश्वस्तर पर पहचान पाए थे, लेकिन अब इन स्कूलों में बच्चों को न अच्छी शिक्षा मिल रही और ना ही सुरक्षा मिल रही है। जब से हैप्पीनेस क्लास बंद हुई है, स्कूलों में चाकूबाजी और बच्चियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं लगातार हो रही हैं। कृष्णा नगर के एक स्कूल में छात्रा ने आत्महत्या कर ली, लेकिन परिवार को सांत्वना देने सरकार से कोई मंत्री नहीं गया।
सोमवार को “आप” मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर कोंडली विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि भाजपा की चार इंजन सरकार में दिल्ली विकास और सुरक्षा से लेकर हर मामले में चार गुना पीछे हो गई है। अरविंद केजरीवाल की सरकार में जिन सरकारी स्कूलों को विश्वस्तरीय रूप दिया गया था और मनीष सिसोदिया को पूरी दुनिया में एक सफल शिक्षा मंत्री के रूप में जाना जाता था, आज उन स्कूलों में ना तो शिक्षा मिल रही है और ना ही पढ़ने वाले बच्चों को सुरक्षा मिल रही है।
कुलदीप कुमार ने बताया कि दो दिन पहले कृष्णा नगर के एक स्कूल में एक बच्ची ने अपने ऊपर कोई पदार्थ छिड़ककर आग लगा ली और उसकी जान चली गई। स्कूल के अंदर दर्जनों टीचर, प्रिंसिपल, सिक्योरिटी गार्ड और सीसीटीवी कैमरे मौजूद होने के बावजूद पूरा स्कूल और प्रशासन सोता रहा। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि द्वेष की भावना के कारण भाजपा सरकार ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया द्वारा शुरू किए गए हैप्पीनेस करिकुलम को बंद कर दिया, जिसे देखने अमेरिका के राष्ट्रपति की पत्नी मेलानिया ट्रंप तक आई थीं। हैप्पीनेस क्लास बंद होने का नतीजा यह है कि आज स्कूलों में चाकूबाजी हो रही है और बच्चियों से छेड़छाड़ हो रही है। विनोद नगर के स्कूल में एक बच्ची को इतना प्रताड़ित किया गया कि उसकी जान चली गई।
कुलदीप कुमार ने कहा कि स्कूल में एक बच्ची की जान चली गई, लेकिन शिक्षा मंत्री आशीष सूद ना तो उस परिवार से मिलने गए और ना ही स्कूल का दौरा किया। दिल्ली की मुख्यमंत्री ने भी दौरा नहीं किया। इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि ये गरीबों के बच्चे हैं। ये लोग सरकारी स्कूलों को बर्बाद कर रहे हैं ताकि प्राइवेट स्कूल शानदार हों और वहां से इनकी कमीशनखोरी आए। आशीष सूद ऐसे मंत्री हैं जो बच्चों की साइकिल और किताबों में भी कमीशन खाते हैं।



