
कोयला मंत्रालय के तहत कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की सहायक कंपनी वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) चालू वित्त वर्ष के दौरान कोयला उत्पादन, उठाव (ऑफटेक) और कोयले की परत तक पहुचने के लिए ऊपर की मिट्टी, चट्टान और मलबे को हटाने (ओवरबर्डन हटाने-ओबीआर) में शानदार प्रदर्शन दर्ज करते हुए कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का प्रमुख विकास इंजन बनकर उभरी है। अप्रैल से अक्टूबर 2026 तक डब्ल्यूसीएल सीआईएल की एकमात्र सहायक कंपनी थी, जिसने तीनों प्रमुख परिचालन मापदंडों में अपने लक्ष्यों को पार किया। इसने अपने उत्पादन लक्ष्य का 102.47 प्रतिशत, उठाव लक्ष्य का 108.82 प्रतिशत और ओवरबर्डन हटाने के लक्ष्य का 104.56 प्रतिशत हासिल किया।
कंपनी के मजबूत परिचालन प्रदर्शन ने घरेलू कोयले की उपलब्धता को मजबूत करने और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सहारा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अप्रैल-अक्टूबर 2026 के दौरान डब्ल्यूसीएल का 4.53 एमटी का अतिरिक्त उत्पादन इसी अवधि के दौरान सीआईएल की सम्पूर्ण शुद्ध उत्पादन वृद्धि से अधिक था।
प्रमुख मापदंडों में शानदार प्रदर्शन
डब्ल्यूसीएल ने अक्टूबर 2026 के दौरान विशेष रूप से प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की। कोयले का उत्पादन पिछले वर्ष के इसी महीने के 3.60 एमटी की तुलना में बढ़कर 5.93 एमटी हो गया, जिसने 64.87 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की – जो सीआईएल की प्रमुख सहायक कंपनियों में सबसे अधिक है। कंपनी ने अपने मासिक उत्पादन लक्ष्य का 108.60 प्रतिशत भी हासिल किया।
अक्टूबर के दौरान कोयले का उठाव (ऑफटेक) पिछले साल के इसी महीने के 4.44 एमटी के मुलाकले बढ़कर 6.67 एमटी हो गया, जिसमें 50.16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। डब्ल्यूसीएल अपने मासिक उठाव लक्ष्य को पार करने वाली एकमात्र प्रमुख सहायक कंपनी भी रही, जिसने 102.40 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया।
अप्रैल-अक्टूबर की अवधि के दौरान डब्ल्यूसीएल ने निम्नलिखित आंकड़े दर्ज किए:
32.96 एमटी कोयला उत्पादन, जिसमें 15.92 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई;
41.56 एमटी उठाव, जिसमें 25.54 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई; और
207.95 एमसीयूएम ओवरबर्डन हटाना, जिसमें 36.10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
कंपनी ने सितंबर 2026 के दौरान सीआईएल की सहायक कंपनियों में उत्पादन और उठाव दोनों में उच्चतम वृद्धि दर्ज की थी।
रिकॉर्ड स्टॉक निस्तारण और बेहतर कोयला निकासी
इस अवधि के दौरान एक प्रमुख उपलब्धि डब्ल्यूसीएल द्वारा खदान मुहाने (पिटहेड) पर कोयले के स्टॉक में की गई पर्याप्त कमी रही है। पिटहेड स्टॉक को 1 अप्रैल, 2026 को 13.034 एमटी से घटकर 31 अक्टूबर, 2026 को 4.44 एमटी कर दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप शुरूआती स्टॉक के लगभग 8.6 एमटी या लगभग 66 प्रतिशत हिस्से का निस्तारण (लिक्विडेशन) हुआ।
रेलवे के साथ बेहतर समन्वय और रेक प्लेसमेंट तथा लोडिंग की केंद्रित निगरानी ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया। डब्ल्यूसीएल ने 31 अक्टूबर, 2026 तक 6,146 रेक लोड किए, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 4,402 रेक लोड किए गए थे, जिसमें 39.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
विद्युत क्षेत्र को रेक आपूर्ति में 40.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि महाजेनको (एमएएचएजीईएनसीओ) को आपूर्ति में विशेष रूप से मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।
केंद्रित निगरानी और खदान स्तर पर निर्णय प्रक्रिया
डब्ल्यूसीएल का मजबूत प्रदर्शन खदान स्तर पर परिचालन की गहन और निरंतर निगरानी से संचालित हुआ है। उत्पादन, प्रेषण और परिचालन संबंधी मुद्दों की दैनिक समीक्षा, क्षेत्र महाप्रबंधकों (एजीएम) के साथ नियमित बैठकों और वरिष्ठ प्रबंधन के बार-बार किए जाने वाले दौरों ने परिचालन संबंधी बाधाओं की त्वरित पहचान और समाधान को सक्षम बनाया है।
मासिक समन्वय और समीक्षा तंत्र का विस्तार खदान स्तर तक से करने से जवाबदेही मजबूत हुई है और परिचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण गतिविधियों की बारीकी से निगरानी सुनिश्चित हुई है।
रेलवे, राज्य सरकारों और संबंधित मंत्रालयों के साथ निकट समन्वय ने पर्यावरण और वन संबंधी मंजूरी, भूमि मामलों और अन्य परिचालन आवश्यकताओं से संबंधित मुद्दों के समय पर समाधान को आसान बनाया है।
वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान डब्ल्यूसीएल ने चार पर्यावरणीय स्वीकृतियां या संशोधन और दो वन मंजूरियां प्राप्त की हैं, जिससे खनन कार्यों की निरंतरता सुनिश्चित करने में मदद मिली है।
प्रौद्योगिकी, गुणवत्ता और परिचालन दक्षता
डब्ल्यूसीएल ने ऑल-वेदर (हर मौसम में) कोयला परिवहन सड़कों, रैपिड लोडिंग सिस्टम और स्वचालित वेबरिज सहित परिवहन और लोडिंग बुनियादी ढांचे में सुधार के माध्यम से परिचालन दक्षता को मजबूत करना जारी रखा है।
कंपनी के पास वर्तमान में छह सरफेस माइनर और तीन कंटीन्यूअस माइनर कार्यरत हैं। कोयले की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करने के सकारात्मक परिणाम मिले हैं, जहां अप्रैल-अक्टूबर तक नमूना लिए गए कोयले में से लगभग 86 प्रतिशत की पुष्टि उनके घोषित ग्रेड के अनुसार हुई है।
केन्द्रित परिचालन सुधारों ने ओवरलोडिंग शुल्कों में महत्वपूणर् कमी लाने में भी योगदान दिया है, जबकि अक्टूबर के प्रेषण ने बिना किसी डेबिट नुकसान के शत प्रतिशत शुद्ध वसूली हासिल की।
विद्युत उत्पादन और ऊर्जा सुरक्षा को समर्थन
डब्ल्यूसीएल के कोयले उठाव में महत्वपूर्ण वृद्धि ने सीधे तौर पर विद्युत संयंत्रों और उद्योगों को सहायता प्रदान की है। अतिरिक्त कोयले की आपूर्ति ने घरेलू उपलब्धता को मजबूत किया है और आयातित कोयले पर निर्भरता को कम करने में योगदान दिया है।
अकेले महाजेनको को आपूर्ति किए गए अतिरिक्त रेकों से महाराष्ट्र में लगभग 5,800 मिलियन यूनिट अतिरिक्त विद्युत उत्पादन में सहायता मिलने का अनुमान है।
अप्रैल-सितंबर 2026 के लिए डब्ल्यूसीएल का कर पूर्व लाभ 1,352.26 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 76.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
आत्मनिर्भर और विकसित भारत की ओर
चालू वित्त वर्ष के दौरान डब्ल्यूसीएल का प्रदर्शन यह दर्शाता है कि कैसे केंद्रित नेतृत्व, खदान स्तर पर गहन निगरानी, त्वरित निर्णय लेने की प्रक्रिया और हितधारकों के बीच घनिष्ठ समन्वय से ठोस परिचालन परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
रिकॉर्ड ओवरबर्डन हटाने के माध्यम से अग्रिम रूप से उजागर कोयला बेंचों (कोल बेंचेज), पिटहेड स्टॉक में पर्याप्त कमी, प्रेरित कार्यबल और मजबूत परिचालन गति के साथ डब्ल्यूसीएल वित्त वर्ष की दूसरी छमाही के दौरान निरंतर प्रदर्शन के लिए अच्छी स्थिति में है।



