
आम आदमी पार्टी के विधायक चैतरभाई वसावा को अपने छोटे भाई का हालचाल पूछने और उसकी देखभाल करने के लिए माननीय सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने पर प्रदेश संगठन महामंत्री मनोज सोरठिया ने सुप्रीम कोर्ट का आभार व्यक्त करते हुए मीडिया के सामने बताया कि डेडियापाड़ा के विधायक चैतर वसावा सूरत सिविल अस्पताल में उपचार करा रहे अपने छोटे भाई की देखभाल करने के लिए आए हैं। उनके भाई की तबीयत को ध्यान में रखते हुए माननीय सुप्रीम कोर्ट ने चैतर वसावा को तीन दिन की जमानत मंजूर की है, जिसके तहत वे सिविल अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों के साथ चर्चा की। पिछले 12 दिनों से उनके छोटे भाई अस्पताल में लाइफ सपोर्टिंग सिस्टम पर लगातार जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे हैं। इस कठिन परिस्थिति में सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने मरीज की जान बचाने के लिए बहुत मेहनत और प्रयास किए हैं, जिसके लिए हम डॉक्टरों का भी हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।
डॉक्टरों से मिली मौजूदा स्थिति की जानकारी के अनुसार, अभी भी मरीज की हालत गंभीर है और अगले दो-तीन दिनों तक उन्हें इसी उपचार पर रखा जाएगा। यदि वे ठीक नहीं होते हैं, तो जरूरत पड़ने पर उन्हें किसी अन्य बड़े अस्पताल में स्थानांतरित करके आगे का उपचार कराने की सलाह डॉक्टरों ने दी है। हम लोग भी इन दो दिनों में डॉक्टरों के साथ चर्चा करेंगे और जरूरत महसूस होने पर उन्हें दिल्ली या मुंबई अथवा जहां भी बेहतर उपचार संभव हो, वहां ले जाकर उन्हें फिर से सामान्य जीवन जीने योग्य बनाने और उनकी तबीयत में सुधार लाने के सभी प्रयास करेंगे। चैतरभाई लंबे समय से जेल में हैं, इसलिए परिवार के लिए यह बहुत दुखद घटना है। परिवार के बड़े भाई के रूप में सारी जिम्मेदारी चैतरभाई की होने के बावजूद ऐसी स्थिति पैदा होना सभी के लिए चिंता का विषय है। इन तीन दिनों तक वे यहां रहकर भाई की तबीयत की लगातार निगरानी करेंगे। मुलाकात और देखरेख के लिए समय देने पर हम माननीय सुप्रीम कोर्ट के साथ-साथ अस्पताल के सभी सहयोगियों और डॉक्टरों का विशेष आभार व्यक्त करते हैं।



