
राहुल गांधी 4 नवंबर को यानि आज संगरूर में एक रैली में पार्टी नेताओं के सामने नया रोडमैप पेश करेंगे। इस रैली के ज़रिए वे पंजाब कांग्रेस को एकजुट होकर आने वाले विधानसभा चुनाव जीतने का मैसेज देंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी राहुल गांधी के साथ रैली में शामिल होंगे।
राज्य कांग्रेस ने रैली को सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज़ कर दी हैं। राज्य अध्यक्ष परगट सिंह और सीनियर नेता विजय इंदर सिंगला समेत पार्टी के दूसरे नेता पहले ही रैली स्थल का मुआयना कर चुके हैं। 2 नवंबर को कांग्रेस नेताओं ने तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए रैली स्थल का दौरा किया था। पार्टी ने रैली में 1,00,000 लोगों के शामिल होने का टारगेट रखा है। इसके ज़रिए मालवा विधानसभा क्षेत्र में अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने और कार्यकर्ताओं में चुनावी जोश भरने की कोशिश की जाएगी। राहुल की रैली के मद्देनज़र सचिन पायलट भी पंजाब के दौरे पर हैं।
इससे पहले 28 फरवरी को बरनाला में एक रैली के दौरान राहुल गांधी ने मंच से पंजाब कांग्रेस के सीनियर नेताओं को गुटबाज़ी छोड़कर एकजुट होने की कड़ी सलाह दी थी। उस समय पार्टी के अंदरूनी झगड़े और नेताओं के बीच पावर की लड़ाई एक बड़ी चुनौती थी। अब, स्टेट प्रेसिडेंट और स्टेट इंचार्ज दोनों बदल चुके हैं। इसलिए, संगरूर रैली में राहुल का मैसेज सिर्फ एकता पर फोकस करने के बजाय मिलकर कोशिश करने और चुनावी जीत के लिए ऑर्गनाइजेशन में जोश भरने पर फोकस करेगा।
पिछले चार महीनों में पंजाब कांग्रेस में काफी ऑर्गनाइजेशनल उथल-पुथल हुई है। अमरिंदर सिंह राजा वारिंग की जगह परगट सिंह को स्टेट प्रेसिडेंट बनाया गया और सचिन पायलट ने भूपेश बघेल को स्टेट इंचार्ज बनाया। इसके बाद, हाईकमान ने सीनियर नेताओं के बीच कोऑर्डिनेशन बनाने के लिए मीटिंग तेज कर दीं।
26 अक्टूबर को कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी के.सी. वेणुगोपाल ने चंडीगढ़ में सीनियर नेताओं, MPs, MLAs और डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट के साथ मीटिंग की, जिसमें ऑर्गनाइजेशनल डिसिप्लिन और एकता पर जोर दिया गया।
इसके बाद, 31 अक्टूबर को कांग्रेस प्रेसिडेंट मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने नई दिल्ली के इंदिरा भवन में पंजाब कांग्रेस नेताओं के साथ मीटिंग की। सीनियर नेताओं में सचिन पायलट, परगट सिंह, प्रताप सिंह बाजवा, राजा वारिंग, चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और विजय इंदर सिंगला शामिल थे। मीटिंग में 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए स्ट्रैटेजी, ऑर्गेनाइज़ेशनल कोऑर्डिनेशन और चुनावी तैयारियों पर चर्चा हुई। चुनाव आयोग
राहुल गांधी ने भी कुछ सीनियर नेताओं से पर्सनल बातचीत की। पार्टी की स्ट्रैटेजी कलेक्टिव लीडरशिप में चुनाव लड़ने की है।



