
पंजाब सरकार डायल 112 प्रोजेक्ट को और मज़बूत कर रही है। जनता को तुरंत मदद देने के लिए आज पुलिस के बेड़े में 508 इमरजेंसी रिस्पॉन्स गाड़ियां शामिल की गईं। मुख्यमंत्री ने संगरूर ज़िले के लड्डा कोठी में DGP गौरव यादव के साथ इन गाड़ियों को हरी झंडी दिखाई। ये सभी गाड़ियां राज्य के 28 पुलिस ज़िलों में तैनात की जाएंगी। सरकार ने सभी SHO को नई गाड़ियां पहले ही दे दी हैं, जबकि सीनियर अधिकारियों को गाड़ियां देने का प्रोसेस चल रहा है।
पुलिस के मुताबिक, सभी गाड़ियों में मोबाइल डेटा टर्मिनल और स्मार्टफोन होंगे। इनमें डैश कैमरा, वायरलेस सिस्टम और GPS ट्रैकर समेत दूसरे मॉडर्न टेक्नोलॉजिकल फ़ीचर भी होंगे। इससे जनता को फ़ायदा होगा और गाड़ियां लोगों तक जल्दी पहुंचेंगी। इससे चार्ज भी कम होंगे।
‘विज़न 2026’ के तहत, पंजाब पुलिस ने इमरजेंसी रिस्पॉन्स टाइम को अभी के 12-13 मिनट से घटाकर 7-8 मिनट करने का टारगेट रखा है। मोहाली के सेक्टर 89 में लगभग ₹52-53 करोड़ की लागत से एक मॉडर्न सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है, और इसे 2026 के आखिर तक पूरा करने का टारगेट है।
डायल 112 सर्विस अब पुलिस के साथ-साथ एम्बुलेंस (108), फायर ब्रिगेड (101), डिजास्टर मैनेजमेंट (1070), और साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) के साथ पूरी तरह से इंटीग्रेटेड है, जिससे एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी इमरजेंसी सर्विस मिल रही हैं।
पुलिस रिस्पॉन्स को तेज़ करने के लिए, ₹118-125 करोड़ के इन्वेस्टमेंट से 758 नए चार पहियों वाले इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV) और 916 दोपहिया वाहन खरीदे जा रहे हैं। रियल-टाइम कनेक्टिविटी और बेहतर कोऑर्डिनेशन पक्का करने के लिए इमरजेंसी गाड़ियों में स्मार्टफोन और मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT) लगाए गए हैं।



