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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह आज गुजरात के अहमदाबाद में ट्रोइका फार्मास्युटिकल्स द्वारा आयोजित फार्माइनोवा अवार्ड समारोह-2026 में मुख्य अतिथि के रुप में शामिल हुए

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह आज गुजरात के अहमदाबाद में ट्रोइका फार्मास्युटिकल्स द्वारा आयोजित फार्माइनोवा अवार्ड समारोह-2026 में मुख्य अतिथि के रुप में शामिल हुए

अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने सबके सामने एक लक्ष्य रखा है कि जब देश की आज़ादी की शताब्दी होगी तब भारत हर क्षेत्र में पूरी दुनिया में पहले स्थान पर होना चाहिए। भारत सुरक्षित, शिक्षित, अपने जीवन मूल्यों को संभालकर विकास करने वाला और दुनिया के अर्थ तंत्रों में शीर्ष पर विराजमान हो। भारत में यह सब करने की ताकत है और हमें इसे चैनलाइज़ करने, इसके अनुरूप नीतियों का निर्माण करने और पॉलिसी फ्रेमवर्क को इम्प्लीमेंटेंशन की दृष्टि से नीचे तक पहुंचाने की ज़रूरत है। जब 2014 में मोदी जी देश के प्रधानमंत्री बने तब भारत दुनिया की 11वें नंबर की अर्थव्यवस्था था और पिछले सिर्फ 12 साल में हम दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं।

श्री अमित शाह ने कहा कि कोरोना संकट के बाद यह सिद्ध हो गया कि हमने विश्व में सबसे अच्छे तरीके से इसका सामना किया। उन्होंने कहा कि ऐसा इसीलिए हुआ क्योंकि दुनियाभर में सरकारें कोरोना के खिलाफ लड़ीं, भारत में जनता, राज्य सरकारें और केन्द्र सरकार मिलकर लड़े।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हमारे युवाओं ने अमेरिका की तुलना में 22 गुना कम लागत में निजी सैटेलाइट बनाकर अंतरिक्ष में स्थापित किया, आज देश में लाखों की संख्या में स्टार्टअप खड़े हो रहे हैं। कोरोना में भारत सबसे पहले वैक्सीन बनाने वाले तीन देशों में शामिल था और हमने ना केवल भारत, बल्कि दुनिया के 70 देशों में वैक्सीन भेजकर वहां के लोगों को बचाने का काम काम किया। जरूरत है भारत में हीनभावना से बाहर आने की, हमारे युवाओं की हौसला अफजाई करने की, युवाओं को उत्साह देने की कि हम कर सकते हैं और हमने कर दिखाया है।

श्री अमित शाह ने कहा कि 2014 में भारत को फ्रेजाइल फाइव में गिना जाता था और कहा जाता था कि देश में पॉलिसी पैरालिसिस हो गया है। वही भारत आज दुनिया का सबसे आकर्षक उत्पादन का केंद्र बनकर विश्व में स्वीकृति प्राप्त कर चुका है। हमने नियमों को भी बदला, मानसिकता को भी बदला, पद्धतियों को भी बदला और नियमों को भी बदला है। 2014 में इस देश में सिर्फ 1 करोड़ 80 लाख घरों में टॉयलेट था, जबकि आज 13 करोड़ घरों में टॉयलेट है। व्यक्ति की बीमारी और घर में टॉयलेट होना इन दोनों का बहुत बड़ा संबंध है क्योंकि स्वच्छता से ही बीमारियों को रोकने का काम होता है। इसी प्रकार, आज 16 करोड़ घरों में पीने का शुद्ध पानी नल से आता है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत में सबसे निचले तबके के गरीब लोगों के लिए मोदी सरकार आयुष्मान भारत योजना लेकर आई जिसके तहत 5 लाख रूपए तक का पूरा इलाझ का खर्च भारत सरकार उठाती है। देश में ऐसे 70 करोड़ लोग हैं जिनके इलाज का खर्च उठाने की शुरूआत हुई। स्वास्थ्य क्षेत्र में हमने होलिस्टिक हेल्थकेयर अप्रोच को अपनाया और पेशेंट केयर, हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर, मेडिसिन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट तथा मैन्युफैक्चरिंग – सभी पर एक साथ काम किया। इसके बाद ग्रामीण हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 1 लाख 60 हजार करोड़ रुपया खर्च किया गया और फिर अस्पतालों की श्रृंखला बनी, ग्रामीण क्षेत्र में अस्पताल ट्रांसफर हुए। अब बारी फार्मा उद्योग की है, दवाइयों के क्षेत्र में न केवल आत्मनिर्भर बनना है बल्कि दुनिया को दवाई पहुंचाने का काम भारत को करना है।

अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने आत्मनिर्भर भारत के तहत इस क्षेत्र में भी पीएलआई स्कीम का क्रियान्वयन किया। क्रिटिकल APIs, Key Starting Materials और मेडिकल डिवाइसेज को भारत में बनाने के लिए हमने प्रोत्साहन दिया। बल्क ड्रग और मेडिकल डिवाइस पार्क पॉलिसी के माध्यम से विश्वभर में विश्वस्तरीय मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम आज भारत में निर्माण हो रहा है। कोरोना काल के दौरान ही इतनी विकट परिस्थिति में 140 करोड़ लोगों को देने के बाद हम PPE किट्स और N-95 मास्क के नेट निर्यातक बने। 13 महीने में Covaxin और Covishield हमारी दोनों वैक्सीन बनी। ये bulk drug parks और PLI scheme जो pharmaceutical के लिए बनी है और China के आधिपत्य को तोड़ने के लिए दोनों scheme आने वाले दिनों में बहुत कारगर सिद्ध होने वाली हैं। अब तक इनमें ₹42,700 करोड़ रूपए का निवेश हो चुका है और 3,64,000 करोड़ से अधिक की ड्रग हमने एक्सपोर्ट की हैं।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हमारी हर कंपनी को रिसर्च पर कंसंट्रेट करना पड़ेगा और रिसर्च करने वाले स्टूडेंट्स, मेधावी छात्र और प्रोफेशनल्स को प्रोत्साहित करना पड़ेगा। रिसर्च के लिए भी भारत सरकार ने तीन अच्छी योजनाएं बनाई है। जब तक हम रिसर्च को बढ़ावा नहीं देते, हम आगे नहीं बढ़ सकते। फार्मा और मेडटेक क्षेत्र में अनुसंधान और इनोवेशन के लिए हमने एक राष्ट्रीय नीति भी बनाई है। PRIP योजना कई हजार करोड़ रूपए की योजना है जिससे सरकार आपको सहयोग दे सकती है। श्री शाह ने कहा कि आज हम वेंटिलेटर भी बना रहे हैं और सारे मेडिकल उपकरण भी 2028 से पहले भारत में बनने लगेंगे, इस प्रकार की व्यवस्था का निर्माण हो रहा है।

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