
भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज शिलांग के सोसो थाम सभागार में मेघालय की जनता और सरकार द्वारा उनके सम्मान में आयोजित एक सार्वजनिक स्वागत समारोह में भाग लिया। उन्होंने हार्दिक स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि वे राज्य के विकास की यात्रा में मेघालय की जनता के साथ हमेशा खड़े रहेंगे।
उपराष्ट्रपति ने मेघालय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और मातृसत्तात्मक परंपरा सहित अद्वितीय सामाजिक संस्थाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य की जीवंत जमीनी संस्थाएं भारत की विविधता और लोकतांत्रिक परंपराओं को दर्शाती हैं। अपने पूर्व लोकसभा सहयोगी, स्वर्गीय श्री पी.ए. संगमा को याद करते हुए उन्होंने उन्हें एक महान नेता और उत्कृष्ट वक्ता बताया, जिन्होंने संसदीय लोकतंत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि सच्ची धर्मनिरपेक्षता का अर्थ है एक-दूसरे के विचारों और मान्यताओं का सम्मान करना। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोगों को आपसी सम्मान और सद्भाव के साथ मिलकर रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विकास समावेशी होना चाहिए और समाज का कोई भी वर्ग पीछे नहीं छूटना चाहिए।
कनेक्टिविटी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि दूरदराज के गांवों को कस्बों और शहरों से जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दशक में पीएमजीएसवाई के तहत पूर्वोत्तर में 47,000 करोड़ रुपये से अधिक के व्यय से 46,000 किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया गया है। उन्होंने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत मेघालय के सुधार-संबंधी समझौता ज्ञापन की भी सराहना की।
उपराष्ट्रपति ने 1,010.95 करोड़ रुपये की पांच परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इनमें शहरी चुनौती कोष के तहत नई शिलांग जल आपूर्ति योजना चरण II, भाग ए (850.58 करोड़ रुपये), NESIDS के तहत दो सड़क संपर्क परियोजनाएं, शिलांग सिविल अस्पताल में 30 बिस्तरों वाला आयुष केंद्र और PM-DevINE के तहत मावखानू में 132/33 केवी सबस्टेशन शामिल हैं।
उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 31.05 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नोंगस्टोइन स्थित प्रसूति एवं बाल अस्पताल का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि लगभग 1,042 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं से मेघालय में जल आपूर्ति, संपर्क, स्वास्थ्य सेवा और बिजली की अवसंरचना को मजबूती मिलेगी।
उपराष्ट्रपति ने राज्य सरकार की अवसंरचना और पर्यटन क्षेत्र में की गई पहल की सराहना की, जिनमें होमस्टे कार्यक्रम, सीएम-एलिवेट और ग्रीन मेघालय शामिल हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री कॉनराड के. संगमा, उनके मंत्रिपरिषद और मेघालय की जनता को राज्य की प्रगति के लिए बधाई दी।
2047 तक विकसित भारत के विजन पर बोलते हुए, श्री सीपी राधाकृष्णन ने इस बात पर जोर दिया कि प्रगति समावेशी होनी चाहिए, समाज के किसी भी वर्ग को पीछे नहीं छोड़ना चाहिए, साथ ही मेघालय के समृद्ध पर्यावरण, संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण भी करना चाहिए। राज्य के जीवित जड़ों वाले पुलों और सोहरा और मावसिनराम के परिदृश्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मेघालय प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर जीने के बहुमूल्य सबक प्रदान करता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री कॉनराड के. संगमा, उपमुख्यमंत्री श्री प्रेस्टोन टिनसॉन्ग और श्री स्नियावभलंग धर, मंत्री श्री सनबोर शुल्लई, मुख्य सचिव डॉ. शकील पी. अहमद और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।



