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38 हवाई अड्डों पर डिजि यात्रा का उपयोग 10 करोड़ के पार

भारत के डिजिटल विमानन क्रांति में एक बड़ा कीर्तिमान

भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के लिए एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित करते हुए, डिजि यात्रा ऐप ने 10 करोड़ से अधिक निर्बाध यात्राओं को सक्षम बनाया है, और आईओएस व एंड्रायड को मिलाकर इसके 2.4 करोड़ से अधिक डाउनलोड हो चुके हैं। यह प्लेटफॉर्म आज वैश्विक विमानन के क्षेत्र में सबसे सफल डिजिटल नवाचारों में से एक के रूप में खड़ा है।

दस्तावेजों के मैनुअल सत्यापन को हटाकर, इस प्लेटफॉर्म ने प्रति यात्री हवाई अड्डे पर प्रवेश के औसत समय को 15 सेकंड से घटाकर मात्र 5 सेकंड कर दिया है। यात्रियों की इस तेज़ आवाजाही ने टर्मिनल के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाया है, टर्मिनल की भीड़भाड़ को कम किया है और मैनुअल प्रोसेसिंग के खर्चों व झंझटों को न्यूनतम कर दिया है।

इसके अलावा, भौतिक बोर्डिंग पास की आवश्यकता को समाप्त करके, यह पहल भाग लेने वाले हवाई अड्डों पर दैनिक रूप से हजारों कागज के पन्नों को बचाकर पर्यावरणीय सस्टेनेबिलिटी का समर्थन करती है।

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर विचार साझा करते हुए, नागरिक उड्डयन मंत्री, श्री राम मोहन नायडू ने कहा, “मैं 10 करोड़ बार उपयोग के इस मील के पत्थर को छूने के लिए डिजि यात्रा टीम को बधाई देता हूँ, यह उस बढ़ते भरोसे को दर्शाता है जो यात्री सुगम, कागज रहित और कॉन्टैक्टलेस यात्रा पर जता रहे हैं। डिजि यात्रा को अपनाने का यह पैमाना एक महत्वपूर्ण मोड़ पर आया है। दैनिक घरेलू यात्री यातायात, जो 2014 में औसतन 2 लाख यात्रियों से कम था, अब पिछले तीन वर्षों में कई मौकों पर 5 लाख के आंकड़े को पार कर चुका है। और हवाई यात्रा को अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनाने के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के सहयोग से, भारतीय हवाई अड्डों पर वार्षिक यात्री यातायात 2030 तक 50 करोड़ तक पहुँचने और 2040 तक दोगुना होकर लगभग 100 करोड़ होने का अनुमान है। और इस तेजी से बढ़ती वृद्धि को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए, हम हवाई अड्डे के संचालन को बेहतर बनाने के लिए डिजि यात्रा, सेल्फ-बैगेज ड्रॉप सुविधा, एयर ट्रैफिक कंट्रोल ऑटोमेशन सिस्टम का विस्तार, शिकायत निवारण के लिए एयरसेवा पोर्टल और एआई संचालित डिजिटल ट्विन्स जैसे कई डिजिटल समाधान अपना रहे हैं।”

भविष्य के लिए अपना दृष्टिकोण साझा करते हुए, श्री राम मोहन नायडू ने आगे कहा: “जहाँ कई देश अभी भी बायोमेट्रिक यात्री प्रोसेसिंग को बड़े पैमाने पर लागू करने का मूल्यांकन ही कर रहे हैं, वहीं भारत ने बेहद कम समय में डिजि यात्रा को सफलतापूर्वक संचालित और विस्तारित कर दिया है। इस समय, डिजि यात्रा 38 हवाई अड्डों पर सक्रिय है, और अगले साल तक 27 और हवाई अड्डों पर इसे सक्षम कर दिया जाएगा। मुझे यह साझा करते हुए भी खुशी हो रही है कि इस वर्ष चालू होने वाली प्रमुख ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजनाएं; नवी मुंबई, जेवर और भोगापुरम, ये सभी पूरी तरह से डिजि यात्रा-सक्षम होंगी।”

ईज़ ऑफ फ्लाइंग के लिए अपने दृष्टिकोण पर जोर देते हुए, मंत्री ने कहा: “हम इस प्लेटफॉर्म को काफी अधिक समावेशी बना रहे हैं। डिजि यात्रा वर्तमान में 11 भाषाओं का समर्थन करती है, और इस वर्ष के अंत तक, हमारी योजना 11 और क्षेत्रीय भाषाओं को जोड़ने की है। यह सीधे तौर पर विमानन क्षेत्र का लोकतंत्रीकरण करने और हवाई यात्रा को आम आदमी के लिए वास्तव में सुलभ बनाने के माननीय प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाता है।”

डिजि यात्रा प्लेटफॉर्म की बुनियादी संरचना ‘प्राइवेसी-बाय-डिजाइन’ दृष्टिकोण के माध्यम से सुरक्षा और यात्रियों की गोपनीयता को भी सख्ती से प्राथमिकता देती है। यात्रियों का डेटा एन्क्रिप्टेड रहता है और उपयोगकर्ता के अपने डिवाइस पर सुरक्षित रूप से स्टोर होता है, जिसे केवल तत्काल सत्यापन के उद्देश्य से शुरुआती हवाई अड्डे के साथ सीमित अवधि के लिए साझा किया जाता है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय भारतीय हवाईअड्डा यात्रा को वैश्विक विमानन के लिए एक मानक में बदलने की अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘सभी के लिए विमानन’ के दोहरे मिशन से प्रेरित होकर, हम यात्रियों के लिए हवाई यात्रा को अधिक सुगम और परेशानी मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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