
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने किसानों की गंभीर पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि मैं तो पिछले डेढ़-दो महीने से इंतजार कर रहा हूं कि सरकार राज्य को सूखाग्रस्त कब घोषित करेगी? सरकार चारे तथा पीने और सिंचाई के पानी की व्यवस्था कब करेगी? लेकिन भाजपा की यह अहंकारी सरकार और उसके नेता जब भी मीडिया के सामने आते हैं, तो केवल ऐसे बयान देते हैं कि ‘किसानों के लिए जो भी संभव होगा, वह हम करेंगे।’ लेकिन आप कब करेंगे? आज किसानों के घर में खाने के लिए अनाज नहीं बचा है और पशुओं को चराने के लिए चारा नहीं है। तो फिर आप किस बात का इंतजार कर रहे हैं? कहा जाता है कि जब जरूरत पड़ेगी, तब करेंगे, लेकिन जरूरत तो अभी है! कल्याणपुर-द्वारका जिले से इस समय किसान और पशुपालक अपने पशुओं के साथ पलायन कर रहे हैं, अपने घर छोड़कर जा रहे हैं। अब सरकार किस बात का इंतजार कर रही है? भाजपा सरकार को जरा भी शर्म नहीं आती, क्योंकि महाराष्ट्र की भाजपा सरकार अपने राज्य को सूखाग्रस्त घोषित कर देती है, तो गुजरात सरकार के पेट में दर्द क्यों होता है? क्या इस मुख्यमंत्री, मंत्रियों या भाजपा के सांसदों को अपनी जेब से रुपये देने हैं? यह तो हमारे ही टैक्स का पैसा है। हमें परेशानी हो रही है, इसलिए हम मांग रहे हैं, आप अपनी बीघा जमीन बेचकर तो हमें नहीं दे रहे हैं! आप अपनी मर्जी से जब चाहें, तब कहते हैं कि ‘जब जरूरत पड़ेगी, तब सरकार किसानों के साथ है’, लेकिन क्या वास्तव में सरकार साथ है? अब तक आपने हमें क्या दिया? जैसे बारिश का इंतजार किया जाता है, वैसे ही किसान आपका इंतजार कर रहे हैं, लेकिन आपके पेट का पानी भी नहीं हिलता।”
इसुदान गढ़वी ने आगे आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि अगर कोई उद्योगपति होता, तो आप जब चाहें, तब उसे दे देते। कैबिनेट में फैसला करके उद्योगपतियों को एक रुपये की टोकन कीमत पर मुफ्त जैसी दरों पर जमीनें दे देते हैं। हम वे जमीनें नहीं मांग रहे हैं, हम मर्सिडीज गाड़ियां या आपसे 15 लाख रुपये नहीं मांग रहे हैं। हम तो सिर्फ इतना मांग रहे हैं कि हमारा जो बीज और सर्दियों की बुवाई की फसल खराब हो गई है, उसके लिए राज्य को सूखाग्रस्त घोषित करके जो राहत मिलनी चाहिए, वह मिले तथा सिंचाई और चारे की उचित व्यवस्था हो। हमने आपसे मर्सिडीज गाड़ियां या मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर कहां मांग लिया है? अगर आपको सरकार में बैठने का जरा भी अधिकार है, तो आपको तुरंत राज्य को सूखाग्रस्त घोषित कर देना चाहिए, अन्यथा सत्ता छोड़ देनी चाहिए; आप इस सत्ता के लायक नहीं हैं। इस मुख्यमंत्री और मंत्रियों को अपने बयानों पर शर्म आनी चाहिए। मैं आपके परिवार से भी विनती करता हूं कि वे भी आपको फटकार लगाएं कि आप सत्ता छोड़कर क्यों नहीं चले जाते! आज इन किसानों की पीड़ा बोल रही है और हमें किसी को भी श्रेय नहीं चाहिए, सारा श्रेय आपको देते हैं; बस आप किसानों को सूखाग्रस्त घोषित करके उनके खातों में राहत की रकम डाल दीजिए। आज मालधारी भाई, बहनें, माताएं और बेटियां पशुओं को लेकर पलायन कर रहे हैं और आप एसी चैंबरों, हेलिकॉप्टरों और चार्टर विमानों में घूमकर बयान दे रहे हैं, जो बेहद शर्मनाक है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि भाजपा जैसी सरकार गुजरात में कभी न आए।



