
रेलवे अवसंरचना को मज़बूत करने और व्यस्ततम मार्गों पर क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय रेलवे ने दक्षिण मध्य रेलवे के वाडी-रायचूर खंड पर इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम को 1×25 केवी से 2×25 केवी में उन्नत करने के लिए ₹220 करोड़ की परियोजना को मंजूरी दी है। यह परियोजना 102 रूट किलोमीटर (204 ट्रैक किलोमीटर) के डबल-लाइन खंड को कवर करती है और प्रमुख रेल गलियारों पर ट्रैक्शन अवसंरचना के आधुनिकीकरण के लिए भारतीय रेलवे के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।
उन्नत ट्रैक्शन सिस्टम से ट्रैक्शन इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा और रेलवे नेटवर्क के महत्वपूर्ण खंडों में से एक पर बढ़ती यातायात आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। वाडी-रायचूर खंड हाई डेंसिटी नेटवर्क (एचडीएन) रूट-7 का हिस्सा है जो मुंबई-पुणे-वाडी-रायचूर-गुंटकल-कडपा-रेनिगुंटा-चेन्नई को जोड़ता है।
2×25 केवी इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम को अपनाने से मौजूदा इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा और यात्री एवं माल ढुलाई में वृद्धि के साथ इस खंड की क्षमता में सुधार होगा। उन्नत प्रणाली से परिचालन दक्षता बढ़ेगी और साथ ही इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कॉरिडोर पर विश्वसनीय ट्रेन संचालन सुनिश्चित होगा।
यह परियोजना भारतीय रेलवे के प्रमुख बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और पूरे नेटवर्क में व्यस्त मार्गों पर क्षमता बढ़ाने के निरंतर प्रयासों के अनुरूप है। यह स्वीकृति महत्वपूर्ण रेलवे बुनियादी ढांचे के उन्नयन, परिचालन दक्षता में सुधार और यात्रियों एवं माल ढुलाई दोनों के लिए एक आधुनिक, विश्वसनीय और भविष्य के लिए तैयार रेलवे नेटवर्क विकसित करने के प्रति भारतीय रेलवे की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।



