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एनआईईएलआईटी ने साइबर कुश्ती 2026 लॉन्च किया: राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा और एआई हैकाथॉन में पता लगाने की गति के बजाय निर्णय लेने की क्षमता को परखा जाएगा

एनआईईएलआईटी ने साइबर कुश्ती 2026 लॉन्च किया: राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा और एआई हैकाथॉन में पता लगाने की गति के बजाय निर्णय लेने की क्षमता को परखा जाएगा

भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (माइटी) के तहत आने वाले राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी) ने 15 अगस्त को ‘साइबर कुश्ती 2026’ (CYBER KUSHTI 2026) लॉन्च किया। यह एक राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) हैकाथॉन है, जिसे साइबर सुरक्षा मूल्यांकन में इंसानी समझ और निर्णय लेने की क्षमता को परखने और पहचानने के लिए डिजाइन किया गया है।

इस हैकाथॉन को औपचारिक रूप से एनआईईएलआईटी के महानिदेशक और एनआईईएलआईटी डीम्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) एम. एम. त्रिपाठी ने लॉन्च किया। इसे ‘ साइबर सुरक्षा, डिजिटल फोरेंसिक और इंटेलिजेंस पर नेशनल कॉन्फ्रेंस’ (एनसीसीडीएफआई 2026) के आधिकारिक समानांतर तकनीकी ट्रैक के तौर पर शुरू किया गया। यह प्रतियोगिता राष्ट्रीय सुरक्षा डेटाबेस (एनएसडी) के तहत इंफॉर्मेशन शेयरिंग एंड एनालिसिस सेंटर (आईएसएसी फाउंडेशन) के सहयोग से आयोजित की जा रही है, जिसमें सीईआरटी- इन नॉलेज पार्टनर के तौर पर शामिल है।

साइबर कुश्ती 2026 के लिए पंजीकरण 15 अगस्त को शुरू हुआ और यह 10 सितंबर 2026 तक खुला रहेगा। इसमें हिस्सा लेना मुफ्त है और यह तीन लोगों की टीमों में छात्रों और स्वतंत्र शोधकर्ताओं के लिए खुला है।

ऐसी हैकाथॉन जो सिर्फ कमियों का पता लगाने पर नहीं, बल्कि सही फैसले लेने पर केंद्रित है

साइबर सुरक्षा से जुड़ी आम प्रतियोगिताओं के उलट, जो मुख्य रूप से कमियों को खोजने या ‘कैप्चर द फ़्लैग’ (सीटीएफ) चुनौतियों पर केंद्रित होती हैं, साइबर कुश्ती 2026 को प्रतिभागियों की साइबर सुरक्षा से जुड़े फ़ैसलों का मूल्यांकन करने, उन्हें प्राथमिकता देने और उनका बचाव करने की क्षमता को परखने के लिए डिजाइन किया गया है।

हिस्सा लेने वाली हर टीम को एक जैसा और जानबूझकर अधूरा छोड़ा गया ‘सुरक्षा मूल्यांकन पैकेज’ मिलेगा। इसमें एआई से तैयार की गई जानकारी, स्टैटिक एनालिसिस के नतीजे, निर्भरता और सीक्रेट्स स्कैन, आर्किटेक्चर डॉक्यूमेंटेशन, सोर्स कोड और एप्लिकेशन लॉग शामिल होंगे।

पैकेज में गलत, दोहराए गए और वास्तविक निष्कर्ष शामिल होंगे, जबकि कुछ वास्तविक कमजोरियां जानबूझकर छोड़ दी जाएंगी। टीमों को एक सही और प्राथमिकता वाला सुरक्षा मूल्यांकन प्रस्तुत करना होगा और लिए गए निर्णयों का बचाव करना होगा। प्रतियोगिता प्रतिभागियों को न केवल वास्तविक मुद्दों की पहचान करने के लिए बल्कि गलत निष्कर्षों को सही ढंग से खारिज करने के लिए भी पुरस्कृत करेगी।

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