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लोकतंत्र के हत्यारे ज्ञानेश कुमार का सुप्रीम कोर्ट में पकड़ा गया झूठ- मनीष सिसोदिया

लोकतंत्र के हत्यारे ज्ञानेश कुमार का सुप्रीम कोर्ट में पकड़ा गया झूठ- मनीष सिसोदिया

नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी ने फॉर्म 6 को लेकर सुप्रीम कोर्ट की तरफ से आए स्पष्टीकरण के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला है। ‘‘आप’’ के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि आखिरकार लोकतंत्र के हत्यारे ज्ञानेश कुमार का झूठ सुप्रीम कोर्ट में पकड़ा गया। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि उसने फॉर्म 6 में बदलाव की कोई अनुमति नहीं दी थी। इससे साफ है कि ज्ञानेश कुमार ने अपनी मर्जी से फॉर्म 6 में बदलाव किए। ज्ञानेश कुमार ने अपने दोनों चुनाव आयुक्तों की भी सहमति नहीं ली और भाजपा की मर्जी से देश का लोकतंत्र दांव पर लगा दिया।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि पूरे देश का जेन-जी जिस मुद्दे पर सड़क पर उतरा हुआ है, उस मुद्दे को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानेश कुमार की एक और चोरी उजागर कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि ज्ञानेश कुमार ने फॉर्म 6 में जो बदलाव किए थे, उसकी अनुमति सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दी थी। इसका सीधा मतलब यह है कि ज्ञानेश कुमार ने न तो सुप्रीम कोर्ट से अनुमति ली और न ही दोनों चुनाव आयुक्तों से बातचीत करके उनकी सहमति ली। उन्होंने अपनी मनमर्जी से किया और कहा जाए तो भाजपा की मर्जी से पूरे देश के लोकतंत्र को दांव पर लगा दिया।

मनीष सिसोदिया ने आगे कहा कि इसमें भी मजे की बात यह है कि ज्ञानेश कुमार ने जो प्रेस रिलीज जारी की थी, उसमें लिखा था कि सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद फॉर्म 6 बदला गया है। यानी सुप्रीम कोर्ट के कंधे पर रखकर बंदूक चलाई गई और वह भी झूठ बोला गया। नए वोट बनवाने वाले फॉर्म 6 में ऐसे बदलाव कर दिए गए कि बस चोरी-छिपे जिसका वोट बन जाए, वह बन जाए, जबकि आम आदमी तो वोट बनवा ही नहीं सकता था। ज्ञानेश कुमार ने लोकतंत्र की हत्या का यह जो खुला खेल खेला है, उसी को लेकर जेन-जी सड़क पर उतरा हुआ है। ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार न किया जाए और ऐसे व्यक्ति के खिलाफ महाभियोग न लाया जाए, तो फिर क्या किया जाए?

अपने ही बुने जाल में फंस गए ज्ञानेशः सौरभ भारद्वाज
उधर, “आप” के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने ही बुने हुए जाल में फंसते जा रहे हैं। कई विपक्षी पार्टियों और सामाजिक संस्थाओं ने कहा था कि नए वोटर के एनरोलमेंट वाले फॉर्म 6 में कानून के खिलाफ जाकर ऐसी तब्दीलियां की गई हैं, ताकि जिन 13 करोड़ लोगों के वोट काटे गए हैं, वे आसानी से अपना वोट दोबारा न बनवा सकें। चुनाव आयोग ने 26 सितंबर 2026 के अपने प्रेस नोट में दावा किया था कि ये बदलाव सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर किए जा रहे हैं। लेकिन आज जब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में सुना गया, तो कोर्ट ने ऐसा कोई भी आदेश देने से साफ मना कर दिया।

सौरभ भारद्वाज ने पूछा, “क्या चुनाव आयोग इतना गिर गया है कि वह सुप्रीम कोर्ट के नाम पर झूठ बोलेगा, कोर्ट की अवमानना करेगा, कानून के विरुद्ध फॉर्म 6 में बदलाव करेगा और अपने ही देश के 13 करोड़ नागरिकों का वोट का अधिकार छीन लेगा? और जब चोरी पकड़ी जाएगी, तो वेबसाइट से प्रेस नोट ही हटा देगा? यह बेहद शर्म की बात है। जिस पद पर कभी टीएन शेषन जैसे लोग बैठे थे, आज उस पद पर इस तरह का घटिया आदमी बैठा है। यह पूरे देश के लिए शर्मनाक है।”

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ज्ञानेश कुमार तुरंत इस्तीफा दें। यह आदमी इस पद को गंदा कर रहा है और इसकी वजह से पूरे देश की छवि खराब हो रही है, पूरा प्रजातंत्र बदनाम हो रहा है। अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो 10 अक्टूबर को पूरा देश जंतर-मंतर पर एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के लिए इकट्ठा होगा।

सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग की किरकिरी हुई। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग की धांधली पकड़ी गई। फॉर्म 6 में बदलाव के मामले में चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के नाम पर झूठ कहा, जिसके चलते मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर अदालत की अवमानना का मामला चलाया जाना चाहिए।

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