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वर्ष 2022-23 को आधार वर्ष मानते हुए जिला घरेलू उत्पाद (डीडीपी) अनुमानों के संकलन हेतु एकसमान दिशा-निर्देश जारी किए गए

वर्ष 2022-23 को आधार वर्ष मानते हुए जिला घरेलू उत्पाद (डीडीपी) अनुमानों के संकलन हेतु एकसमान दिशा-निर्देश जारी किए गए

भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों, शैक्षणिक संस्थानों, शोधकर्ताओं और उप-राज्य स्तरीय सांख्यिकी के अन्य उपयोगकर्ताओं सहित हितधारकों से परामर्श और प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए 07 अप्रैल, 2026 को सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर आधार वर्ष 2022-23 के साथ जिला घरेलू उत्पाद (डीडीपी) अनुमानों के संकलन के लिए मसौदा दिशानिर्देश अपलोड किया था।

विभिन्न हितधारकों से प्राप्त टिप्पणियों और सुझावों की विस्तृत जांच के बाद “जिला घरेलू उत्पाद (डीडीपी) अनुमानों के संकलन के लिए दिशा-निर्देश” को अंतिम रूप दिया जा रहा है और इसे सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा है।

यह दिशा-निर्देश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जिला घरेलू उत्पाद (डीडीपी) के अनुमानों के संकलन के लिए एक व्यापक और एकसमान ढांचा प्रदान करता है। इसका उद्देश्य संशोधित आधार वर्ष ढांचे के तहत जिला स्तरीय आर्थिक अनुमानों में एकरूपता, तुलनीयता और कार्यप्रणाली मानकीकरण सुनिश्चित करना है। यह दस्तावेज़ जिला स्तर पर सकल जिला घरेलू उत्पाद (जीडीडीपी), शुद्ध जिला घरेलू उत्पाद (एनडीडीपी) और प्रति व्यक्ति आय के संकलन के लिए अवधारणाओं, कवरेज, डेटा स्रोतों, अनुमान प्रक्रियाओं और कार्यप्रणालियों का विस्तृत विवरण देता है।

इस दिशा-निर्देश में मुख्य रूप से जिला-स्तरीय आंकड़ों की उपलब्धता के आधार पर, जहां भी संभव हो बॉटम-अप दृष्टिकोण का उपयोग करके डीडीपी अनुमानों के संकलन पर जोर दिया गया है। जिन क्षेत्रों में जिला-वार जानकारी पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं है, वहां जिला-स्तरीय अनुमानों को सुसंगत तरीके से प्राप्त करने के लिए उपयुक्त टॉप-डाउन दृष्टिकोण और उपयुक्त आवंटन संकेतकों की सिफारिश की गई है।

वर्तमान में 26 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश जिला घरेलू उत्पाद (डीडीपी) का अनुमान लगा रहे हैं। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को डीडीपी अनुमानों को एक समान और तुलनीय तरीके से संकलित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। अंतिम रूप से जारी दिशा-निर्देश से राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में अनुमान लगाने की प्रक्रियाओं में सामंजस्य स्थापित करने और जिला स्तरीय आर्थिक सांख्यिकी तैयार करने के संस्थागत ढांचे को मजबूत करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

विश्वसनीय और तुलनीय डीडीपी अनुमानों की उपलब्धता से विकेंद्रीकृत योजना, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, क्षेत्रीय विकास विश्लेषण और जिला स्तर पर सूचित निर्णय लेने में सहायता मिलने की उम्मीद है। यह दिशा-निर्देश राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को डेटा प्रणालियों में सुधार करने और मजबूत जिला स्तरीय अनुमान तैयार करने के लिए सांख्यिकीय क्षमता को मजबूत करने में भी मदद करेगा।

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