
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज अरुणाचल प्रदेश पहुँचे, लेकिन खराब मौसम की वजह से हवाई सर्वे नहीं कर पाए और अब 1 जुलाई को अरुणाचल प्रदेश और असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में दिनभर ज़मीनी और हवाई दौरा करेंगे ताकि पीड़ित किसान और अन्य परिवारों की स्थिति सीधे देख सकें और मदद के लिए उपाय कर सकें। उनके दौरे में केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरन रिजिजू और मुख्यमंत्री भी साथ रहें।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज दोपहर अरुणाचल पहुंचकर वहां लोगों से सीधे मिलकर उनकी तकलीफ सुनी। उन्होंने कहा कि मौसम ने आज हेलीकॉप्टर रोक दिया, लेकिन हमारा इरादा नहीं रुकेगा। कल अरुणाचल और असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में दिनभर रहकर हर किसान और हर परिवार तक मदद पहुँचाने के लिए ज़मीन से लेकर आसमान तक पूरा जायज़ा लेंगे।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज दिल्ली से अरुणाचल प्रदेश के इटानगर पहुँचे। यहाँ उन्होंने सबसे पहले बाढ़ प्रभावित इलाकों से आए लोगों और जनप्रतिनिधियों से सीधे मुलाकात की। लोग अपने खेतों में पानी भरने, फसल के खराब होने और घर–गृहस्थी के नुकसान की बात बता रहे थे। केंद्रीय मंत्री ने सबकी बातें ध्यान से सुनीं और भरोसा दिया कि किसी भी परिवार को मदद से पीछे नहीं छोड़ा जाएगा।
इटानगर के सचिवालय में अरुणाचल प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में श्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ की मौजूदा स्थिति, राहत सामग्री, पुनर्वास और आगे के कदमों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के किसानों और ग्रामीणों की चिंता सीधे दिल्ली तक पहुँच चुकी है और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में केंद्र सरकार हर ज़रूरी मदद देने को तैयार है।
चौहान ने कहा कि एक जुलाई को अरुणाचल प्रदेश और असम में सघन दौरा किया जाएगा। कल सुबह से ही श्री शिवराज सिंह चौहान अरुणाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों में गाँव और राहत शिविरों में जाकर लोगों से बात करेंगे। वे किसानों के खेतों में हुए नुकसान, पशुधन की स्थिति और रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़े असर को खुद देखेंगे। हेलीकॉप्टर से अरुणाचल प्रदेश और असम के अलग–अलग बाढ़ क्षेत्रों का हवाई सर्वे कर नदियों, तटबंधों, सड़कों और फसल क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लेंगे। शाम को असम की राजधानी गुवाहाटी में असम सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में वे बाढ़ प्रबंधन, राहत–वितरण, तटबंधों की मरम्मत और किसानों की आर्थिक मदद पर बात करेंगे।



