
उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज का दिन बहुत खास था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली योगी सरकार 2.0 का दूसरा कैबिनेट विस्तार आखिरकार हो ही गया। लखनऊ के जन भवन में हुए शपथ ग्रहण समारोह में छह नए मंत्रियों ने शपथ ली, जबकि दो मौजूदा राज्य मंत्रियों को राज्य मंत्री के पद पर प्रमोट किया गया।
इस कैबिनेट विस्तार को विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी की एक बड़ी राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सभी नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई। समारोह के दौरान योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे और उन्होंने सभी मंत्रियों को शुभकामनाएं दीं।
भूपेंद्र चौधरी और मनोज पांडे ने कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली। अजीत पाल, सोमेंद्र तोमर, कृष्णा पासवान, कैलाश राजपूत, सुरेंद्र दिलेर और हंसराज विश्वकर्मा ने राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली। बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने सबसे पहले मंत्री पद की शपथ ली। भूपेंद्र चौधरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बीजेपी का बड़ा जाट चेहरा माने जाते हैं। मुरादाबाद के रहने वाले भूपेंद्र चौधरी योगी सरकार के पहले कार्यकाल में पंचायती राज मंत्री भी रह चुके हैं। उन्हें फिर से सरकार में शामिल करके BJP ने पश्चिमी UP और जाट वोट बैंक को एक कड़ा संदेश देने की कोशिश की है। योगी सरकार के कैबिनेट का यह विस्तार आने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर किया गया है।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में ज़्यादा से ज़्यादा 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। विस्तार से पहले योगी सरकार में 54 मंत्री थे। अब नए मंत्रियों के जुड़ने के बाद कैबिनेट की ताकत और मज़बूत हो गई है। अब राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि किस मंत्री को कौन सा विभाग मिलेगा और किन विभागों में फेरबदल हो सकता है।



