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नशे से 736 करोड़ कमाने वाले मजीठिया से गठबंधन कर पंजाब को फिर नशे में डूबोने की तैयारी में अमित शाह – केजरीवाल

नशे से 736 करोड़ कमाने वाले मजीठिया से गठबंधन कर पंजाब को फिर नशे में डूबोने की तैयारी में अमित शाह – केजरीवाल

नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार ने पंजाब की पावन धरती को नशा मुक्त बनाने के अपने संकल्प को सिद्ध करते हुए एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। पंजाब पुलिस ने नशे के काले कारोबार के सबसे बड़े सिंडिकेट के सरगना और ताकतवर नेता बिक्रम मजीठिया के खिलाफ अदालत में ठोस सबूतों के साथ चार्जशीट दाखिल कर दी है। एक ओर जहां आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब के भविष्य को बचाने के लिए नशा तस्करों की जड़ें खोदने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी मजीठिया की पार्टी के साथ गठबंधन की साजिश रचकर पंजाब को दोबारा नशे के दलदल में धकेलने की नापाक फिराक में है।

भाजपा के इस जनविरोधी मंसूबे पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने तीखा प्रहार करते हुए केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह की दोहरी नीति को बेनकाब किया है।

पंजाब को फिर नशे में झोंकने की साजिश पर अरविंद केजरीवाल का प्रहार
पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा और मजीठिया के इस नापाक गठजोड़ की मंशा पर कड़ा वार करते हुए स्पष्ट किया कि जिस शख्स ने पंजाब के युवाओं की जिंदगियां तबाह करके और 736 करोड़ रुपये का नशा बेचकर काली कमाई अपने बैंकों में जमा कराई, देश के गृह मंत्री अमित शाह उसी दागी नेता के साथ हाथ मिलाकर पंजाब को फिर से नशे में डुबोने का षड्यंत्र रच रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ने तीखा सवाल पूछते हुए चेतावनी दी है कि भाजपा यह साफ करे कि क्या अब गुजरात के रास्ते नशा लाकर पंजाब में बेचा जाएगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि पंजाब के स्वाभिमानी लोग और आम आदमी पार्टी का हर एक सिपाही इस नापाक मंसूबे को कतई कामयाब नहीं होने देगा।

“जिसने पंजाब में 736 करोड़ रुपए का नशा बेचकर वो पैसे अपने बैंकों में जमा करवाए, अमित शाह उसके साथ गठबंधन करके पंजाब को फिर से नशे में डुबोने की तैयारी कर रहे हैं। क्या अब गुजरात के रास्ते नशा लाकर पंजाब में बेचा जाएगा? पंजाबी ये बिल्कुल नहीं होने देंगे।” —अरविंद केजरीवाल, राष्ट्रीय संयोजक (आम आदमी पार्टी)

भगवंत मान की बेमिसाल दिलेरी और अमित शाह-मजीठिया का गठजोड़
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति, अदम्य साहस और दिलेरी की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। मनीष सिसोदिया ने कहा कि पंजाब पुलिस द्वारा मजीठिया के खिलाफ पेश की गई चार्जशीट में इस काले सच का परत-दर-परत खुलासा हुआ है कि कैसे इस ड्रग लॉर्ड ने नशा बेचकर 736 करोड़ रुपये की अकूत संपत्ति कमाई और उसे अपनी कंपनियों के बैंक खातों में जमा कराया। यह चार्जशीट इतनी पुख्ता है कि मजीठिया को अपनी पूरी जिंदगी जेल की सलाखों के पीछे काटनी पड़ेगी। पूरा पंजाब इस हकीकत का गवाह है कि सूबे में ‘चिट्टा’ अकाली दल और भाजपा की दस साल की साझा सरकार (2007-2017) के दौरान ही फैलाया गया था।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि मजीठिया का सियासी रसूख इतना ज्यादा था कि पिछली सरकारों में किसी की उसके खिलाफ आवाज उठाने तक की हिम्मत नहीं होती थी। उसी बाहुबली मजीठिया को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने न केवल सलाखों के पीछे भेजा, बल्कि आज उसके खिलाफ अदालत में निर्णायक चार्जशीट भी दाखिल कराई। आज जब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पाकिस्तान से आने वाले नशे की सप्लाई लाइन को लगभग ध्वस्त कर दिया है, तो अब अधिकांश नशा गुजरात के रास्ते आ रहा है। इसी कारण अब अमित शाह और मजीठिया आपस में मिल गए हैं ताकि नशे के इस पूरे ध्वस्त होते नेटवर्क को किसी भी तरह बचाया जा सके। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी जान दांव पर लगाकर नशे के खात्मे का जो महायुद्ध छेड़ा है, उसे रोकने के लिए ही अमित शाह और मजीठिया की यह सांठगांठ हुई है।

“मजीठिया इतना ताकतवर था कि किसी की हिम्मत नहीं थी उसके ख़िलाफ़ बोलने की। उसी मजीठिया को भगवंत मान ने जेल भेजा और उसी मजीठिया के ख़िलाफ़ आज कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हो गई। भगवंत मान ने जो अपनी जान दाँव पर लगाकर नशे से युद्ध किया है, उसे रोकने के लिए अमित शाह और मजीठिया दोनों मिल गए हैं।” — मनीष सिसोदिया, वरिष्ठ नेता व पंजाब प्रभारी

नशे के ताबूत में आखिरी कील: 40,000 पन्नों में कैद मजीठिया का कच्चा-चिट्ठा
पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब की भलाई के लिए जो साहसिक कदम उठाया है, वह पंजाब के लोकतांत्रिक इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो चुका है। राजनीतिक बयानबाजी और नशा खत्म करने के खोखले दावे तो भाजपा, देश के गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस सभी ने किए थे, लेकिन नशे के ताबूत में आखिरी कील ठोकने का ऐतिहासिक काम सिर्फ और सिर्फ भगवंत मान ने किया है। बिक्रम मजीठिया पंजाब के लिए कोई अनजान चेहरा नहीं है, बल्कि पूरा पंजाब जानता है कि वह नशे का खुला पर्यायवाची बन चुका था। 2007 से 2017 तक जब भाजपा-अकाली दल की सरकार थी और मजीठिया मंत्री था, तब कैसे सरकारी गाड़ियों के संरक्षण में नशा स्मगल होता था, अंतरराष्ट्रीय ड्रग स्मगलरों का उसके घर डेरा रहता था और 6,000 करोड़ रुपये की ड्रग मनी के आरोप लगे, यह सब जनता के सामने सार्वजनिक रूप से दर्ज है।

अनुराग ढांडा ने आगे उजागर किया कि मजीठिया के रसूख के आगे पिछली सभी सरकारें नतमस्तक थीं। पंजाब में लंबे समय तक कांग्रेस की सरकार रही और उनके मुख्यमंत्री ने पवित्र गुटका साहिब की झूठी कसम तक खाई, लेकिन मजीठिया पर आंच तक नहीं आने दी। 2007 से 2017 तक पंजाब में भाजपा की सत्ता रही, केंद्र में पहले कांग्रेस और फिर मोदी-शाह की सरकार रही, लेकिन इतने वर्षों में किसी ने मजीठिया पर हाथ डालने का साहस नहीं दिखाया। केवल जननायक मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उसे पकड़कर जेल में डाला और अब पंजाब पुलिस ने 40,000 पन्नों की एक अभूतपूर्व चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी है।

“इस चार्जशीट में पूरे 736 करोड़ रुपए की ड्रग मनी का ट्रेल है। ड्रग से कमाया हुआ पैसा इसने कैसे अपनी कंपनियों में लगाया, कैसे अपनी वर्थ बढ़ाई और कैसे पैसा कमाया, वह सारा कच्चा चिट्ठा चार्जशीट के अंदर मौजूद है। इतनी मजबूत चार्जशीट फाइल हुई है कि बिक्रम मजीठिया पूरी जिंदगी जेल में सड़ेगा।” — अनुराग ढांडा, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी

‘बड़ी मछलियों’ पर प्रहार से ही मुमकिन है नशा मुक्त पंजाब
अनुराग ढांडा ने पिछली सरकारों की मिलीभगत और आम आदमी पार्टी की कार्यशैली के फर्क को स्पष्ट करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती व्यवस्था में कभी रसूखदारों पर केस दर्ज नहीं होते थे, अगर दिखावे के लिए केस हो भी जाए तो जांच ठंडे बस्ते में डाल दी जाती थी और अगर जांच शुरू हो जाए तो कभी चार्जशीट दाखिल नहीं होती थी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस लचर और भ्रष्ट परिपाटी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। नशे के खिलाफ असली जंग यही होती है कि सबसे पहले सिंडिकेट चलाने वाली बड़ी मछलियों को कानून के शिकंजे में कसा जाए। यह ऐतिहासिक कार्रवाई इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने की सच्ची नीयत, नीति और फौलादी हिम्मत केवल आम आदमी पार्टी और भगवंत मान के पास है।

अनुराग ढांडा ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी की कार्यशैली अमित शाह जैसी बिल्कुल नहीं है, जिन्होंने देश के सबसे कुख्यात गैंगस्टर को गुजरात की जेल में दामाद की तरह सुरक्षित बिठा रखा है और फिर मंचों से गैंगस्टरवाद व नशा खत्म करने के खोखले दावे करते हैं। आज मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के युवाओं के भविष्य और आने वाली पीढ़ियों की रक्षा के लिए जो साहसिक कार्य किया है, वह पंजाब के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे बड़ा, ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम है। आम आदमी पार्टी पंजाब की धरती से नशे के हर एक बीज को उखाड़ फेंकने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।

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