मुंबई पुलिस की बड़ी लापरवाही, घर में मिले चूहे मारने वाले हर्बल स्प्रे को नज़रअंदाज़ किया
पिछले हफ़्ते मुंबई के पायधुनी इलाके में एक परिवार के चार सदस्यों की मौत की जांच कर रही पुलिस को मृतक के घर से चूहे भगाने वाले स्प्रे की एक बोतल मिली। परिवार ने तरबूज में मिलाकर चूहे मारने वाली दवा ज़िंक फ़ॉस्फ़ाइड पी ली थी।

पिछले हफ़्ते मुंबई के पायधुनी इलाके में एक परिवार के चार सदस्यों की मौत की जांच कर रही पुलिस को मृतक के घर से चूहे भगाने वाले स्प्रे की एक बोतल मिली। परिवार ने तरबूज में मिलाकर चूहे मारने वाली दवा ज़िंक फ़ॉस्फ़ाइड पी ली थी।
रिपोर्ट के अनुसार, फोरेंसिक टीम ने इस स्प्रे को जांच के लिए नहीं लिया क्योंकि यह एक हर्बल मिश्रण था और इसमें कोई केमिकल नहीं था।
पुलिस को 7 मई को मिली FSL रिपोर्ट में कहा गया कि मृतक के लिवर, किडनी और स्प्लीन के सैंपल, पेट के सामान, बाइल और पेट की चर्बी के सैंपल में जिंक फॉस्फाइड पाया गया था।
कलीना में डायरेक्टरेट ऑफ़ फ़ोरेंसिक साइंस लैबोरेटरीज ने मौत की संभावित वजह चूहे मारने की दवा या ज़िंक फ़ॉस्फाइड बताई है, जिसके बाद एक IPS अधिकारी ने कहा कि क्राइम ब्रांच की यूनिट-1 ने मामले की पैरेलल जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को पिछले हफ़्ते मृतक के घर की तलाशी के दौरान स्प्रे की बोतल मिली थी। लेकिन मौके पर पहुँचे फ़ोरेंसिक एक्सपर्ट बोतल को जाँच के लिए अपने साथ नहीं ले गए क्योंकि वह पूरी तरह से हर्बल थी।



