
देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। NEET पेपर लीक होने के बाद, लद्दाख के शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग करते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर पर 26 दिन की भूख हड़ताल की थी।
हालांकि, हाल ही में भारत सरकार के दो केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में उन्होंने अपनी हड़ताल खत्म कर दी। इस बीच, सोनम वांगचुक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद, सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (X) पर अपने ऑफ़िशियल हैंडल से ट्वीट किया और लिखा, ‘यह लोकतंत्र की जीत है। प्रत्यक्ष लोकतंत्र… जो सड़कों से निकलकर आया है। यह शांति, धैर्य और दृढ़ संकल्प की जीत है। CJP और देश की ‘Gen Z’ को बधाई और उन सभी नागरिकों का धन्यवाद जिन्होंने डर को छोड़कर देश के हर कोने से अपनी आवाज़ उठाई। अब जवाबदेही से सुधार की ओर।’



